Heatwave Impact: भीषण गर्मी में क्यों स्मार्टफोन हो रहे स्लो! 45°C तापमान में बैटरी और गेमिंग पर बड़ा असर

45°C की भीषण गर्मी में स्मार्टफोन्स की बैटरी, चार्जिंग, गेमिंग और कैमरा पर गंभीर असर पड़ रहा है। टेस्ट में पाया गया कि तेज गर्मी में चार्जिंग धीमी हो जाती है, गेमिंग FPS गिर जाता है और 4K रिकॉर्डिंग जल्दी बंद हो जाती है। विशेषज्ञों ने फोन को धूप से बचाने और हीट मैनेजमेंट पर ध्यान देने की सलाह दी है।

Heatwave Impact: भारत में इस समय गर्मी अपने चरम पर है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 45°C के पार पहुंच चुका है। इस भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण मोबाइल फोन जल्दी गर्म हो रहे हैं, बैटरी तेजी से खत्म हो रही है और गेमिंग से लेकर वीडियो रिकॉर्डिंग तक में कई दिक्कतें सामने आ रही हैं।

हाल ही में किए गए एक टेस्ट में 6000mAh बैटरी वाले कई स्मार्टफोन्स को तेज गर्मी में इस्तेमाल करके देखा गया। इस दौरान फोन की चार्जिंग स्पीड, गेमिंग परफॉर्मेंस, कैमरा रिकॉर्डिंग और डिस्प्ले पर असर को ट्रैक किया गया। टेस्ट के नतीजों ने यह साफ कर दिया कि हीटवेव का असर अब टेक्नोलॉजी पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है।

फास्ट चार्जिंग पर सबसे ज्यादा असर

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन्स 80W, 100W और 120W फास्ट चार्जिंग के साथ आते हैं। लेकिन 45°C जैसी गर्मी में ये टेक्नोलॉजी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है। टेस्ट में पाया गया कि जो फोन सामान्य तापमान में करीब 20 मिनट में फुल चार्ज हो जाता था, वही फोन तेज गर्मी में लगभग 40 से 45 मिनट लेने लगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए फोन का सिस्टम खुद ही चार्जिंग स्पीड कम कर देता है ताकि ओवरहीटिंग से बचा जा सके। यही वजह है कि हीटवेव के दौरान फास्ट चार्जिंग का फायदा कम हो जाता है।

गेमिंग के दौरान गिर रही परफॉर्मेंस

BGMI और Call of Duty जैसे हाई-ग्राफिक्स गेम खेलने वाले यूजर्स को भी इस गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टेस्ट में Snapdragon और MediaTek Dimensity प्रोसेसर वाले कई स्मार्टफोन्स पर गेमिंग की गई। लगभग 20 मिनट बाद ज्यादातर फोन्स में FPS काफी कम हो गया।

जहां सामान्य तापमान में गेमिंग 90 FPS तक स्मूद चल रही थी, वहीं 45°C की गर्मी में यह घटकर लगभग 45 FPS रह गई। इसके अलावा फोन में लैग, फ्रेम ड्रॉप और हीटिंग की समस्या भी बढ़ गई। हालांकि कुछ Dimensity प्रोसेसर वाले फोन्स ने बेहतर थर्मल मैनेजमेंट दिखाया।

कैमरा और वीडियो रिकॉर्डिंग भी प्रभावित

गर्मी का असर स्मार्टफोन कैमरा पर भी देखने को मिला। टेस्ट के दौरान कई फोन्स ने 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को 10 मिनट के अंदर ही बंद कर दिया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि फोन का तापमान लगातार बढ़ रहा था और सिस्टम ने खुद ही रिकॉर्डिंग रोक दी।

इसके अलावा AMOLED डिस्प्ले वाले फोन्स में स्क्रीन ब्राइटनेस अपने आप कम हो गई ताकि स्क्रीन को नुकसान से बचाया जा सके। इससे धूप में फोन इस्तेमाल करना और भी मुश्किल हो गया।

कैसे बचाएं अपना स्मार्टफोन?

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में स्मार्टफोन की अतिरिक्त देखभाल जरूरी है। फोन को सीधे धूप में इस्तेमाल करने से बचें और चार्जिंग के दौरान भारी गेमिंग या वीडियो रिकॉर्डिंग न करें। अगर संभव हो तो वेपर कूलिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करें।

इसके अलावा, फोन को कार के अंदर धूप में छोड़ना खतरनाक हो सकता है। जरूरत पड़ने पर बैकग्राउंड ऐप्स बंद रखें और अल्ट्रा फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल ठंडे वातावरण में ही करें। ये छोटी-छोटी सावधानियां आपके स्मार्टफोन की बैटरी और परफॉर्मेंस को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं।

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