Ayodhya Ram Temple: अयोध्या में रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को अब राम मंदिर परिसर के परकोटे में स्थित छह मंदिरों, जिसमें माँ अन्नपूर्णा का मंदिर भी शामिल है, उनके दर्शन के लिए तीन महीने तक और इंतजार करना पड़ सकता है। फिनिशिंग और बैरिकेडिंग कार्यों में समय लगने के कारण यह विलंब हो रहा है। निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं होने की वजह से चैत्र नवरात्र तक यानि मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में आम भक्तों के लिए परकोटे के मंदिरों के द्वार खुलने की संभावना है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने हाल ही में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया, ताकि भीड़ के दबाव में कारीगरों को काम पूरा करने में कोई असुविधा न हो। अधिकारियों का मानना है कि एक बार दर्शन शुरू होने के बाद कार्य को रोकना मुश्किल हो जाएगा, इसलिए सभी बारीक कामों को पहले पूरा किया जा रहा है।
फिनिशिंग कार्य के चलते चैत्र नवरात्र तक टला परकोटे के मंदिरों का दर्शन
Ayodhya राम मंदिर परिसर में माँ अन्नपूर्णा समेत परकोटे के सभी छह मंदिरों में दर्शन के लिए रामभक्तों को फिलहाल लंबा इंतज़ार करना होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने फैसला किया है कि सभी मंदिरों में अभी फिनिशिंग कार्य बाकी है, जिसके कारण आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन चैत्र नवरात्र (मार्च-अप्रैल) से शुरू होने की संभावना है। हालांकि, सप्त मंडपम में प्रतिष्ठा द्वादशी की तिथि यानी 31 दिसंबर 2025 से निर्धारित संख्या में श्रद्धालुओं को पास निर्गत कर दर्शन शुरू कराए जाने की संभावना है। तीर्थ क्षेत्र के सदस्यों का मानना है कि छोटे-छोटे कामों को पूरा करने में जल्दबाजी नहीं की जा सकती, और भक्तों की सुविधा के लिए सभी तैयारियां पूरी होने के बाद ही दर्शन सुलभ कराए जाएंगे।
अन्य प्रमुख अपडेट्स:
सप्त मंडपम में दर्शन: यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो 31 दिसंबर 2025 से सप्त मंडपम में निर्धारित संख्या में पास धारक श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा सकते हैं।
सुरक्षा के लिए टाइटेनियम की जाली: राम मंदिर Ayodhya के प्रथम तल पर करीब 30 मीटर लंबे कॉरिडोर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों तरफ टाइटेनियम की जालियां लगाई जाएंगी। यह कॉरिडोर वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए लगाई गई लिफ्ट के पास खुलता है। इन जालियों से कॉरिडोर हवादार भी रहेगा और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इससे पहले मंदिर के तीनों तलों की खिड़कियों पर भी टाइटेनियम की ही जालियां लगाई गई हैं।
बैठक में लिया गया निर्णय: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र Ayodhya के महासचिव चंपत राय, न्यासी डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव सहित अन्य अधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि काम पूरा होने के बाद ही दर्शन शुरू किए जाएंगे, ताकि कारीगरों को फिनिशिंग का काम पूरा करने में कोई रुकावट न आए।










