नई दिल्ली: जी-20 की मेजबानी के लिए दिल्ली दुल्हन की तरह सजी हुई है। जी-20 सम्मेलन के विशेष सचिव मुक्तेश परदेशी ने बताया कि शनिवार यानी 9 सितंबर को भारत मंडपम में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही राष्ट्रपति के ओर से डिनर का आयोजन किया गया है। इस डिनर में शामिल होने के लिए विपक्ष के भी नेताओं का निमंत्रण दिया गया है। लेकिन इस डिनर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिार्जुन खरगे शामिल नहीं होंगे। दरअसल, उनकों इस डिनर के लिए इनविटेशन नहीं मिला है।
दुनिया के नेताओं का मेजबान बना भारत
दुनिया के शक्तिशाली देशों के नेताओं की मेजबानी भारत कर रहा है। जी-20 नेताओं के लिए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 9 अगस्त को रात्रिभोज का आयोजन किया है। जिसमें विदेशी मेहमानों के साथ भारत के भी दिग्गज नेताओं को निमंत्रण दिया गया है। इस डिनर में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने शामिल होने की पुष्टि कर दी है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्यलय ने बताया कि उन्हें राष्ट्रपति के ओर से इस डिनर के लिए न्योता नहीं दिया गया है। इसलिए वो इस रात्रिभोज में शामिल नहीं होंगे।
भारत मंडपम में 3 घंटे का सांस्कृतिक कार्यक्रम
भारत मंडपम में डिनर से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होने जा रहा है। इस सांस्कृति कार्यक्रम में दुनियाभर के 400 मेहमान शामिल होंगे। इसमें 78 कलाकर देश की संगीत विरासत प्रस्तुत करेंगे. कलाकार 34 हिंदुस्तानी, 18 कर्नाटकी और 14 लोक उपकरणों का उपयोग करेंगे। इस तीन घंटे की प्रस्तुति के लिए देशभर के कलाकार 31 अगस्त से तैयारियों में जुटे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को डिनर का न्योता
इस डिनर के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और एचडी देवेगौडा को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि, दोनों नेता डिनर में शामिल होंगे या नहीं, इसकी कोई जानकारी अभी सामने नहीं आई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निमंत्रण पत्र में प्रेजीडेंट ऑफ भारत लिखा गया था, जिसे लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद देश के नाम को लेकर इंडिया या भारत नाम विवाद शुरू हो गया। अब देखना होगा कि जी-20 समिट में न्योता मिलने वालों में से कितने विपक्ष के नेता डिनर में शामिल होते हैं।