Hantavirus: दुनियाभर में इस समय हंतावायरस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कई देशों में इसके संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद लोगों के मन में डर का माहौल है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वायरस भी कोरोना की तरह तेजी से फैल सकता है? क्या फिर से मास्क और लॉकडाउन जैसे हालात बन सकते हैं? इन तमाम सवालों पर World Health Organization ने स्थिति साफ कर दी है।
क्या कोविड जैसा है Hantavirus ?
WHO की महामारी प्रबंधन निदेशक Maria Van Kerkhove ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हंतावायरस कोविड-19 या फ्लू जैसा वायरस नहीं है। इसका फैलने का तरीका पूरी तरह अलग है। उन्होंने साफ कहा कि यह सामान्य रूप से इंसान से इंसान में नहीं फैलता और इसका संक्रमण सीमित परिस्थितियों में ही हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एंडीज स्ट्रेन में इंसानों के बीच सीमित संक्रमण की क्षमता देखी गई है, लेकिन यह केवल बेहद करीबी संपर्क में ही संभव है।
कैसे फैलता है Hantavirus
WHO प्रमुख Tedros Adhanom Ghebreyesus ने बताया कि हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृंतकों के जरिए फैलता है। संक्रमित चूहों के यूरिन, लार या मल के संपर्क में आने से इंसान संक्रमित हो सकते हैं।
अगर कोई व्यक्ति संक्रमित कृंतकों के संपर्क में आता है या दूषित जगहों पर जाता है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि ग्रामीण और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों में इसका खतरा अधिक माना जाता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
WHO के अलर्ट एंड रिस्पॉन्स विभाग के अधिकारियों ने बताया कि साल 2018-19 में Argentina में भी ऐसा मामला सामने आया था, जहां एक संक्रमित व्यक्ति सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुआ था और उसके संपर्क में आने वाले कई लोग संक्रमित हो गए थे।
हालांकि, स्वास्थ्य एजेंसियों ने संपर्क में आए लोगों की पहचान कर और आइसोलेशन लागू कर संक्रमण को नियंत्रित कर लिया था।
किन देशों में बढ़ी निगरानी?
फिलहाल इस वायरस से जुड़े यात्रियों और क्रू मेंबर्स की निगरानी की जा रही है। करीब 150 लोग 23 देशों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें Argentina, South Africa, Germany, United Kingdom, Singapore और United States जैसे देश शामिल हैं।
कई देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है और संपर्क में आए लोगों की जांच जारी है।
क्या महामारी बन सकता है यह वायरस?
WHO के मुताबिक, फिलहाल हंतावायरस के महामारी बनने की आशंका बेहद कम है। यदि समय रहते संक्रमित लोगों की पहचान कर उन्हें आइसोलेट किया जाए और सावधानी बरती जाए, तो इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। साफ-सफाई, चूहों से दूरी और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां ही इससे बचाव का सबसे बेहतर तरीका हैं।
