Site icon News1India

Indian Railways: AC कोच से बीते सालों में चोरी हुए करोड़ों के बेडरोल,जानिए अब तक रेलवे को हुआ कितना बड़ा नुकसान

भारतीय रेलवे के एसी कोचों में यात्रियों को दी जाने वाली बेडशीट, कंबल, तकिया, तकिया कवर और तौलिये की चोरी लगातार बढ़ रही है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आए आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच रेलवे के एसी कोचों से 1.27 करोड़ से अधिक बेडरोल आइटम चोरी हो गए। इन घटनाओं से ठेकेदारों को करीब 104.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

इन रेल मंडलों में सबसे ज्यादा चोरी

आंकड़ों के अनुसार, बेडशीट चोरी के मामलों में बीकानेर, तौलिया चोरी में दिल्ली, तकिया कवर चोरी में सोनपुर और कंबल चोरी में जोधपुर रेल मंडल सबसे आगे रहे। कुल चोरी की लगभग 67 प्रतिशत घटनाएं बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, रांची, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, सोनपुर, दानापुर और बिलासपुर मंडलों में दर्ज की गईं।

हर 1000 यात्रियों में एक करता है चोरी

रिपोर्ट के अनुसार, एसी कोच में सफर करने वाले हर 1000 यात्रियों में से एक यात्री बेडरोल चोरी करता है। कोरोना महामारी के बाद जनवरी 2022 से ट्रेनों में दोबारा बेडरोल सेवा शुरू हुई थी। इसके बाद 2022 से 2025 के बीच बेडरोल चोरी की घटनाओं में करीब 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

स्टाफ पर पड़ता है आर्थिक बोझ

रेलवे के लिए बेडरोल उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों का दावा है कि चोरी हुए सामान की भरपाई कई बार कर्मचारियों के वेतन से की जाती है। कोच अटेंडेंट्स का कहना है कि चोरी का सीधा असर उनकी आय पर पड़ता है, जबकि अधिकांश मामलों में चोरी यात्रियों द्वारा की जाती है।

रेलवे करेगा सख्त कार्रवाई

रेल मंत्रालय ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए कहा है कि बेडरोल चोरी रोकने के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी। हालांकि अब तक रेलवे स्टाफ की संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। मंत्रालय का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए यात्रियों में भी जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

Exit mobile version