UP weather update:उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ तीन मौसमीय सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं, जिसके चलते 30 मार्च से 1 अप्रैल तक बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी के बीच यह बदलाव लोगों को राहत दे सकता है, लेकिन अचानक बदलते मौसम को लेकर सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।
गरज-चमक और तेज हवाओं का असर
वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने बताया कि 29 मार्च की देर शाम या रात से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो 30 मार्च को चरम पर रहेगा और 1 अप्रैल तक जारी रह सकता है। इस दौरान कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
किन इलाकों में ज्यादा असर
पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी यूपी में मौसम का ज्यादा असर देखने को मिलेगा, जबकि पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। हालांकि 30 और 31 मार्च को प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी रहेगी। 1 अप्रैल से पश्चिमी हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा, जबकि पूर्वी क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।
तेज हवाओं और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने 29 से 31 मार्च के बीच कई जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही कई जिलों में वज्रपात और मेघगर्जन की भी संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
किसानों के लिए चेतावनी
इस बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखें। तेज हवाओं और बारिश के कारण गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों से दूर रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखें, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।








