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Cooker vs Kadhai: सब्ज़ी में स्वाद सिर्फ मसालों से नहीं बल्कि बर्तन से भी आता है जानिए कब क्या करें इस्तेमाल

Which is Better for Making Vegetables

Cooker vs Kadhai:हम सब्जी बनाते समय अच्छे मसाले और सही विधि अपनाते हैं, फिर भी स्वाद में कमी रह जाती है। इसका एक बड़ा कारण हो सकता है।बर्तन का चुनाव। जानिए किस सब्जी को किस बर्तन में पकाना चाहिए। अक्सर ऐसा होता है कि हम दिल से सब्जी बनाते हैं, लेकिन खाने पर उसका स्वाद वैसा नहीं निकलता जैसा सोचा था। मसाले भी सही होते हैं और विधि भी, फिर भी स्वाद में कमी क्यों रह जाती है? इसकी एक अहम वजह हो सकती है गलत बर्तन का इस्तेमाल।

आमतौर पर सब्जियां कढ़ाई या प्रेशर कुकर में बनाई जाती हैं, लेकिन हर सब्जी दोनों में एक जैसी नहीं बनती। कुछ सब्जियां हैं जो कुकर में जल्दी गलकर अच्छा स्वाद देती हैं, जबकि कुछ सब्जियां कढ़ाई में ही अच्छी तरह भूनकर स्वादिष्ट बनती हैं। आइए जानते हैं कि कौन सी सब्जियां किस बर्तन में बनानी चाहिए।

कुकर में बनने वाली सब्जियां

लौकी और तुरई

लौकी और तुरई जैसी नरम सब्जियां कुकर में जल्दी गलती हैं और इनमें पानी छोड़ने की क्षमता ज्यादा होती है। कुकर में बनाने पर ये जलती नहीं और इनका स्वाद भी अंदर तक पहुंचता है। कढ़ाई में इन्हें पकाने पर जलने का डर रहता है।

पालक का साग

पालक जैसी पत्तेदार सब्जियों को गलाने में समय लगता है। ऐसे में इसे पहले कुकर में उबालना बेहतर होता है और फिर बाद में तड़का लगाकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है। इससे समय भी बचता है और स्वाद भी बरकरार रहता है।

आलू-बैंगन की ग्रेवी वाली सब्जी

जब आलू और बैंगन को ग्रेवी के साथ पकाना हो, तो कुकर एक अच्छा विकल्प है। इससे आलू जल्दी गलते हैं और बैंगन का स्वाद भी घुलकर ग्रेवी में आ जाता है।

कढ़ाई में बनने वाली सब्जियां

भिंडी

भिंडी को अगर कुकर में पकाया जाए, तो वो चिपचिपी हो जाती है। भिंडी को हमेशा कढ़ाई में धीमी आंच पर भूनना चाहिए, जिससे वो कुरकुरी बने और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं।

फूलगोभी और पत्तागोभी

गोभी को ज्यादा पकाने से उसका स्वाद खत्म हो जाता है। इसलिए इसे कढ़ाई में हल्की आंच पर भूनकर बनाना अच्छा रहता है। इससे वो थोड़ी कुरकुरी बनी रहती है और उसका स्वाद बरकरार रहता है।

भरवां सब्जियां

भरवां बैंगन, शिमला मिर्च या करेला जैसी सब्जियों को कढ़ाई में बनाना चाहिए। कुकर में इन्हें पकाने पर इनके फटने या स्टफिंग बाहर आने का डर रहता है। कढ़ाई में धीमी आंच पर पकने से इनका स्वाद बेहतर बनता है।

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