Liquor Smuggling by Ambulance in Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने शराब तस्करों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने पुलिस से बचने के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल किया। जिस गाड़ी का काम लोगों की जान बचाना होता है, उसी को इन लोगों ने गैरकानूनी धंधे का जरिया बना लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी हरियाणा से महंगी शराब लाकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में बेचते थे। वे एंबुलेंस में शराब की पेटियां भरकर ले जाते थे, ताकि किसी को शक न हो।
गुप्त सूचना से खुला राज
शुक्रवार को थाना बसई अरेला और सर्विलांस टीम को खबर मिली कि हरियाणा नंबर की एक एंबुलेंस में मरीज नहीं, बल्कि अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और संदिग्ध एंबुलेंस को रोक लिया।
जब पुलिस ने एंबुलेंस का पिछला दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। वहां स्ट्रेचर या दवाइयों की जगह हरियाणा की ब्रांडेड शराब की पेटियां करीने से रखी थीं।
प्रयागराज जा रही थी खेप
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम प्रताप और राहुल बताए। दोनों जैतपुर के नाहटोली गांव के रहने वाले हैं। जांच में पता चला कि वे हरियाणा से सस्ती दरों पर शराब खरीदते थे और ऑर्डर मिलने पर उसे प्रयागराज समेत यूपी के कई शहरों में महंगे दाम पर बेचते थे। पुलिस ने एंबुलेंस से करीब 3 लाख 60 हजार रुपये कीमत की शराब बरामद की है। शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि यह काम काफी समय से चल रहा था।
एंबुलेंस क्यों चुनी?
आरोपियों ने बताया कि चेकपोस्ट पर आमतौर पर एंबुलेंस को बिना ज्यादा जांच के जाने दिया जाता है। पुलिस उसे इमरजेंसी वाहन मानकर रोकती नहीं है। इसी ढील का फायदा उठाकर वे लंबे समय से शराब की तस्करी कर रहे थे। यह तरीका इसलिए चुना गया ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके और माल सुरक्षित तरीके से मंजिल तक पहुंच जाए।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
आगरा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर कानून से बचने के लिए नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। ऐसे में पुलिस की सतर्कता बेहद जरूरी है।
