US India Trade Deal:उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान देने से रोकने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अखिलेश यादव के पास इस समझौते से जुड़ी सटीक या विस्तृत जानकारी नहीं है, तो उन्हें इस विषय पर बोलने में संयम रखना चाहिए।
ट्रेड डील का श्रेय मोदी को दिया
केशव प्रसाद मौर्या ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत यूएस में भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ यानी शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने इसे एक बड़ा आर्थिक कदम बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की वजह से संभव हुआ है।
मौर्या ने कहा कि अगर यूरोपीय संघ (EU) जैसे 27 देशों के समूह के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत हो रही है तो भी इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि भारत ने पहले भी ब्रिटेन जैसे देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, और यह सब मोदी सरकार के वैश्विक दृष्टिकोण का नतीजा है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा था
इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को खोलना करीब 70 प्रतिशत भारतीय किसानों के साथ धोखा है, क्योंकि उनका आजीविका खेती पर निर्भर है।
अखिलेश यादव का यह भी कहना था कि यह समझौता किसानों, निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आढ़तियों और दलालों की एक नई श्रेणी उभर सकती है, जो खाद्य वस्तुओं और कृषि उत्पादों की कीमतों को बढ़ा सकती है। यही नहीं, उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय धीरे-धीरे घटेगी और अंततः उन्हें अपना खेत बेचना पड़ सकता है।
उपमुख्यमंत्री मौर्या ने दिया करारा जवाब
लेकिन उपमुख्यमंत्री मौर्या ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि इस समझौते से भारतीय निर्यात को फायदा मिलेगा और यह देश को वैश्विक बाजार में मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी नेताओं के पास तथ्यों की सटीक जानकारी नहीं है, तो उन्हें
ऐसे मुद्दों पर टिप्पणी से बचना चाहिए
केशव प्रसाद मौर्या ने यह भी कहा कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और ऐसे समझौते भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूती देंगे। उन्होंने समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भारतीय उत्पादों को यूएस बाजार में बेहतर पहुँच मिलेगी और भारतीय आर्थिक विकास को नई ऊँचाई मिलेगी।
उनके अनुसार, यदि विपक्षी नेता बिना सही जानकारी के ऐसे महत्वपूर्ण आर्थिक फैसलों के खिलाफ बयान देते हैं, तो इससे आम जनता में भ्रम फैल सकता है। इसलिए मौर्या का यह मानना है कि राजनीतिक बहस में भी तथ्य और जानकारी का सम्मान होना चाहिए।
