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Dalit smarak: बाबा साहेब विवाद के बीच दलित स्मारकों पर मेहरबान सरकार… पुनःसुधार के लिए करोड़ों की सौगात

Dalit smarak

Dalit smarak: डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर इन दिनों विपक्ष भारतीय जनता पार्टी को घेरने का प्रयास कर रहा है। गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगा जा रहा है, और इस मुद्दे पर सरकार और बीजेपी बचाव में जुटी हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बहुजन समाज पार्टी के कार्यकाल में बनाए गए दलित स्मारकों के लिए अपना खजाना खोल दिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा 115 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई गई है, जिसमें लखनऊ और नोएडा स्थित प्रमुख स्मारकों के मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है। इस कार्य की समीक्षा मंगलवार को LDA के अधिकारियों के साथ बैठक में की गई।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने हाल ही में एक बैठक आयोजित की, जिसमें गोमती नगर (Dalit smarak) स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, पुरानी जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल और नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के मरम्मत और सौंदर्यीकरण के कार्यों की समीक्षा की गई। LDA की अध्यक्ष डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि इस वर्ष लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से मरम्मत, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं, और 65 करोड़ रुपए की राशि अन्य कार्यों के लिए स्वीकृत की जा चुकी है।

डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि गोमती नगर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में 20 करोड़ रुपए की लागत से मूर्तियों, हाथी दीर्घा, स्तूप की मरम्मत, सड़क, लाइटिंग और पेंटिंग के कार्य किए गए हैं। यहां के म्यूजिकल फाउंटेन को भी सुधारा गया है और इसे पुनः चालू किया गया है। इसके अलावा, 33 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की जा रही है, ताकि अन्य कार्यों को भी पूरा किया जा सके।

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पुरानी जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक (Dalit smarak) स्थल पर 25 करोड़ रुपए की लागत से छत की मरम्मत, जल रिसाव को ठीक करने, लाइटिंग, पेंटिंग और सिलिकॉन कोटिंग के कार्य किए गए हैं। 25 करोड़ रुपए और स्वीकृत किए गए हैं, ताकि प्रस्तावित कार्यों को भी पूरा किया जा सके।

नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में 3 करोड़ रुपए की लागत से पत्थरों की मरम्मत और सफाई का काम किया गया है, और इसके अतिरिक्त 4 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि पुराने कार्य जल्द से जल्द पूर्ण किए जाएं और स्मारकों का पुनः निरीक्षण कर बाकी कार्यों को भी प्रस्ताव में शामिल किया जाए।

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