Ayodhya Suicide Case: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में शुक्रवार सुबह एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई। कोतवाली अयोध्या क्षेत्र में गोरखपुर–अयोध्या हाईवे पर बने पुल से एक बैंक मैनेजर ने सरयू नदी में छलांग लगा दी। नदी में गिरते ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकालकर कब्जे में ले लिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक बैंक मैनेजर लंबे समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह साफ हो सके।
पुलिस जांच में जुटी, परिवार से पूछताछ जारी
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान कर ली गई है और उसके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन हालातों से गुजर रहा था। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, जिससे घटना से पहले की गतिविधियों की जानकारी मिल सके।
इसके अलावा, मौके पर मौजूद लोगों और संभावित गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय पुल पर कोई और व्यक्ति मौजूद था या नहीं और क्या किसी तरह की मदद की संभावना थी।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फिर उठा सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिप्रेशन और मानसिक दबाव को अक्सर लोग हल्के में ले लेते हैं, जबकि यह स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। समय पर पहचान और सही परामर्श न मिलने पर व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे कदम उठा सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार, दोस्तों और कार्यस्थल की भूमिका बहुत अहम होती है। अगर किसी व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव दिखे, वह चुप रहने लगे या खुद को अलग-थलग करने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पुलिस की आम लोगों से अपील
अयोध्या पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या दबाव में दिखाई दे, तो उसे अकेला न छोड़ें। समय पर बात करना, समझना और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग या मेडिकल मदद दिलाना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों को स्पष्ट किया जाएगा। इस दुखद घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आज के समय में कितना जरूरी हो गया है।










