Azam Khan Gets Relief in Controversial Statement Case: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म ख़ान को अजीमनगर थाने में दर्ज विवादित बयान वाले केस में बड़ी राहत मिल गई है। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शुक्रवार, 28 नवंबर को अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। इस फैसले का इंतजार न सिर्फ रामपुर बल्कि पूरे प्रदेश में किया जा रहा था।
किस टिप्पणी से शुरू हुआ था पूरा विवाद
यह मामला उस टिप्पणी से जुड़ा था, जो आज़म ख़ान ने एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में राज्यसभा सांसद रहे अमर सिंह की बेटियों को लेकर कही थी। इस बयान पर अमर सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए लखनऊ में मुकदमा दर्ज करवाया था। बाद में, क्योंकि यह टिप्पणी कथित रूप से जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में की गई थी, इसलिए केस को लखनऊ से स्थानांतरित कर रामपुर के अजीमनगर थाने भेज दिया गया।
जांच से लेकर फैसला आने तक की पूरी प्रक्रिया
पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया, जिसके बाद मामला एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में चलने लगा। मंगलवार को दोनों पक्षों की अंतिम बहस खत्म हो गई थी और अदालत ने फैसला 28 नवंबर के लिए सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने आज़म ख़ान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश भी दिया था, जिसके बाद तय तारीख पर निर्णय सुनाया गया।
अदालत ने दिया क्लीन चिट
शुक्रवार को कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद आज़म ख़ान को आरोपों से पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया। इस फैसले से सपा कार्यकर्ताओं और आज़म समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। समर्थकों का कहना है कि यह फैसला उनके नेता के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। हालांकि, उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले ही आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को दो पैन कार्ड रखने के मामले में दोषी ठहराया गया था। रामपुर की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया, जिसके चलते दोनों इस समय रामपुर जेल में बंद हैं।
ग्रेटर नोएडा निक्की हत्याकांड: पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट
इसी बीच, ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की हत्याकांड में पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी पति के अवैध संबंध इस अपराध की मुख्य वजह थे। पुलिस ने अब अदालत में अपना पक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया है।








