Baghpat news: यूपी के बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र में इन दिनों एक अजीबोगरीब दरबार चर्चा का विषय बना हुआ है। यहाँ विज्ञान और चिकित्सा को चुनौती देते हुए एक व्यक्ति सिगरेट के धुएं से असाध्य रोगों और व्यक्तिगत समस्याओं को ठीक करने का दावा कर रहा है। करीब एक साल पहले तक बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर सड़क किनारे मूंगफली बेचने वाला यह शख्स अब ‘सिगरेट बाबा’ के नाम से मशहूर हो चुका है। उसके दरबार में दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से अंधविश्वास की चपेट में आए लोग बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं। जहाँ एक ओर श्रद्धालु इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं प्रबुद्ध वर्ग इसे मासूम लोगों की सेहत और जेब के साथ खिलवाड़ बता रहा है।
बाबा सिगरेट के धुएं से इलाज कर रहे हैं. यूपी के बागपत में ये बाबा की दुकान लगती है. pic.twitter.com/enqXO0cVzr
— Priya singh (@priyarajputlive) January 1, 2026
चमत्कार के नाम पर धुएं का कारोबार
बाबा का ‘इलाज’ करने का तरीका जितना अनोखा है, उतना ही खतरनाक भी। दरबार में आने वाले मरीजों को बाबा के सामने बैठाया जाता है। इसके बाद तेज आवाज में भजन बजाए जाते हैं और बाबा अपनी गर्दन घुमाते हुए एक रहस्यमय माहौल बनाता है। जैसे ही ‘भक्ति’ का माहौल चरम पर पहुँचता है, बाबा सिगरेट का गहरा कश लेता है और उसका धुआं सीधे मरीज के चेहरे पर छोड़ देता है। दावा किया जाता है कि इस धुएं के स्पर्श मात्र से सिरदर्द, बुखार, बदन दर्द जैसी शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ रोजगार संकट और पारिवारिक कलह भी दूर हो जाते हैं।
पर्चा और प्रसाद: वसूली का सुव्यवस्थित तंत्र
इस दरबार में ‘श्रद्धा’ मुफ्त नहीं है। यहाँ बाकायदा एक व्यावसायिक तंत्र काम कर रहा है:
पंजीकरण शुल्क: दर्शन के लिए सामान्य पर्चा 100 रुपये का है, जबकि जल्दी इलाज चाहने वालों के लिए ‘इमरजेंसी पर्चा’ 300 रुपये में उपलब्ध है।
अनिवार्य खरीद: बाबा के यहाँ प्रसाद के रूप में सिगरेट और बतासे चढ़ाए जाते हैं। नियम यह है कि श्रद्धालु इन्हें बाहर से नहीं ला सकते; इन्हें बाबा द्वारा संचालित दुकान से ही खरीदना अनिवार्य है।
गोपनीयता: दरबार के भीतर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर सख्त पाबंदी है ताकि इस गोरखधंधे की असलियत बाहर न जा सके।
प्रशासन की भूमिका
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आती दिख रही है। क्षेत्राधिकारी (CO) विजय कुमार ने बताया कि फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन मामला संज्ञान में आने पर इसकी जाँच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट का धुआं फेफड़ों के लिए घातक है और इस तरह का ‘इलाज’ लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है।









