Dog Attack: बांदा जिले के मऊ ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पागल कुत्ता बाउंड्री फांदकर स्कूल परिसर में घुस आया। घटना मिड डे मील (एमडीएम) के समय हुई, जब बच्चे हाथ-मुंह धोकर भोजन के लिए लाइन में खड़े थे। अचानक कुत्ते के हमले से बच्चे डरकर इधर-उधर भागने लगे और स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों ने तत्काल डंडे और पत्थरों की मदद से कुत्ते को बाहर भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दो मासूम बच्चे उसकी चपेट में आ चुके थे। विद्यालय में कुल 65 बच्चे नामांकित हैं, जबकि घटना के समय 23 बच्चे मौजूद थे। इसी परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में भी करीब 12 बच्चे आए हुए थे।
बाउंड्री के पास बने मकान से लगाई छलांग, बच्चों में मची भगदड़
जानकारी के मुताबिक स्कूल की बाउंड्री के ठीक बगल में एक ग्रामीण का मकान बना हुआ है। मकान निर्माण के दौरान बाउंड्री के बराबर मिट्टी भर दी गई थी, जिससे ऊंचाई कम हो गई। इसी रास्ते से सुबह करीब साढ़े दस बजे पागल कुत्ता छलांग लगाकर स्कूल में पहुंच गया। उस समय बच्चे एमडीएम लेने की तैयारी कर रहे थे। कुत्ते ने अचानक बच्चों पर हमला कर दिया, जिससे सभी जान बचाने के लिए कक्षाओं की ओर दौड़ पड़े। कई बच्चे गिरते-पड़ते किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचे। शिक्षकों की सतर्कता से आखिरकार कुत्ते को स्कूल से बाहर खदेड़ दिया गया।
दो बच्चों को काटा, गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर
हमले में कक्षा दो के सात वर्षीय छात्र श्याम, जो भास्कर द्विवेदी के पुत्र हैं, और आंगनबाड़ी केंद्र की पांच वर्षीय बच्ची जान्हवी, जो मोहनलाल की पुत्री हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए। कुत्ते ने दोनों बच्चों के चेहरे और शरीर पर हमला किया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। प्रधानाध्यापक विपिन बिहारी पांडेय ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस की मदद से दोनों बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया हालचाल
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी फहद अली और खंड शिक्षा अधिकारी कृष्णदत्त पांडेय जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायल बच्चों का हालचाल लिया और डॉक्टरों से उपचार की जानकारी प्राप्त की। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दोनों बच्चों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं, घटना के बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
गांव में दहशत, पागल कुत्ते की तलाश जारी
स्कूल से बाहर निकाले जाने के बाद पागल कुत्ता गांव की ओर भाग गया। इसके बाद से ग्रामीण उसकी तलाश कर रहे हैं ताकि किसी और पर हमला न हो सके। पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग छोटे बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा और पागल कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए। साथ ही स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
