Banke Bihari Temple Crowd Control:वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हर दिन उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए अब व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु दर्शन के लिए मंदिर परिसर में विशेष तरह की स्टील रेलिंग लगाई जाएगी। यह रेलिंग करीब 21 हजार किलोग्राम वजन की होगी, जो बेहद मजबूत होने के साथ-साथ स्लाइड और फोल्ड भी की जा सकेगी।
इस रेलिंग को तैयार करने और लगाने का काम मेरठ की कनिका कंस्ट्रक्शन फर्म को सौंपा गया है। तकनीक से जुड़ी समिति और आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम ने कंपनी द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण को पसंद किया, जिसके बाद इसी फर्म का चयन किया गया।
सुप्रीम कोर्ट समिति के निर्देश पर फैसला
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खास पर्वों और छुट्टियों के दिनों में हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने मंदिर में प्रवेश द्वार से लेकर निकास द्वार तक रेलिंग लगाने का निर्णय लिया है।
इन रेलिंगों के बीच से ही श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। इससे मंदिर के अंदर रुकने की समस्या खत्म होगी और भीड़ का दबाव एक जगह नहीं बनेगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि दर्शन की प्रक्रिया तेज और सुरक्षित हो सकेगी।
पहले आई तकनीकी खामी, अब होगा सुधार
कंपनी की ओर से कुछ समय पहले रेलिंग का एक हिस्सा लगाया भी गया था, लेकिन उसमें कुछ तकनीकी कमियां सामने आईं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस रेलिंग को हटा दिया गया। अब खामियों को दूर करने के बाद दोबारा काम शुरू किया जाएगा।
कंपनी के पार्टनर सलीम अहमद ने बताया कि उनकी फर्म का चयन इसलिए किया गया, क्योंकि उन्होंने स्लाइडिंग और फोल्डिंग रेलिंग का बेहतर विकल्प सुझाया। इसके साथ ही रेलिंग को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए स्टील के वजन को बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया गया।
हाइड्रोलिक तकनीक से होगी मजबूत व्यवस्था
सलीम अहमद के अनुसार, इतनी भारी और मजबूत रेलिंग तैयार करना आसान काम नहीं है। इसके लिए हाइड्रोलिक पिस्टन और मजबूत पाइप का इस्तेमाल किया गया है। रेलिंग की मजबूती के लिए आठ गेज की पाइप लगाई गई है, जिसकी वजह से कुल स्टील का वजन करीब 21 हजार किलो तक पहुंच गया।
इस नई व्यवस्था से प्रशासन को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। जरूरत पड़ने पर रेलिंग की दिशा बदली जा सकेगी या फिर नई कतारें बनाई जा सकेंगी, जिससे भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
कब तक पूरा होगा काम
कंपनी के दूसरे पार्टनर रंजन शर्मा ने बताया कि यह काम पिछले एक महीने से चल रहा है और इसे फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी पहले भी कई सरकारी इमारतों और हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थलों पर इसी तरह की रेलिंग लगा चुकी है।



