Bihar Election: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने बड़ा ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इस बार किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी और चुनावी मैदान में अकेले ताल ठोकेगी। मायावती ने बताया कि पार्टी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और रणनीति को अंतिम रूप दिया जा चुका है। बसपा ने राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को बिहार चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के चयन, संगठन की मजबूती और जनाधार बढ़ाने की योजना पर गहन चर्चा की गई है। मायावती ने दावा किया कि बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बिहार में बसपा इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगी।
बिहार चुनाव में बसपा का बड़ा दांव
Bihar Election अब नजदीक हैं, और इस बार बहुजन समाज पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान करके सूबे की सियासत में नया समीकरण खड़ा कर दिया है। मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं, जिनमें उम्मीदवारों के चयन से लेकर बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती तक पर विस्तृत चर्चा हुई। बीएसपी ने इस बार किसी भी गठबंधन से दूरी बनाकर स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरने की तैयारी पूरी कर ली है। मायावती का कहना है कि पार्टी की रणनीति बिहार के हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचने पर केंद्रित होगी।
आकाश आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी
मायावती ने Bihar Election अभियान की कमान राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को सौंपी है। वे राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और बीएसपी की बिहार यूनिट के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर जनसभाओं और यात्राओं का नेतृत्व करेंगे। अगले महीने से बसपा बिहार में बड़े पैमाने पर चुनावी कार्यक्रम शुरू करेगी। पार्टी ने बिहार की सभी विधानसभा सीटों को तीन जोनों में विभाजित कर दिया है, ताकि वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी देकर चुनावी प्रबंधन को और मजबूत बनाया जा सके।
बिहार में मायावती का बड़ा दावा
मायावती का कहना है कि बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए बीएसपी इस बार अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी पहले ही ओडिशा और तेलंगाना में संगठन की तैयारियों की समीक्षा कर चुकी है और अब बिहार में भी बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क खड़ा किया जा रहा है। बसपा के इस फैसले से सूबे की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं, जो एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।