UP Scholarship: इस प्रक्रिया में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र शामिल होंगे। जिन छात्रों के आवेदन तकनीकी कारणों से लंबित, रिजेक्ट या भुगतान प्रक्रिया में अटक गए थे, उन्हें जरूरी सुधार के बाद छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
किन कारणों से अटका था भुगतान?
शासन के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कई छात्रों के आवेदन शिक्षण संस्थान स्तर पर लंबित रह गए थे। इसके अलावा मास्टर डाटा लॉक नहीं होने, गलत डाटा अपलोड होने, आवेदन लंबित या निरस्त होने और बैंक ट्रांजेक्शन फेल होने के कारण भी पात्र छात्रों को भुगतान नहीं मिल सका था।
सितंबर में पूरा होगा सत्यापन
नई समय-सारिणी के अनुसार 1 से 7 सितंबर तक शिक्षण संस्थान मास्टर डाटा अपडेट करेंगे। इसमें पाठ्यक्रम, सीटों की संख्या, शुल्क और संबद्ध विश्वविद्यालय जैसी जानकारी डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित करनी होगी।
2 से 8 सितंबर तक विश्वविद्यालय या संबंधित संस्थान फीस समेत अन्य विवरणों का सत्यापन करेंगे। इसके बाद 3 से 9 सितंबर तक जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर पर सत्यापन किया जाएगा।
गलत आवेदनों में सुधार का मौका
एनआईसी की स्क्रूटनी के बाद 11 से 15 सितंबर तक त्रुटिपूर्ण आवेदन शिक्षण संस्थानों के लॉगिन पर उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्थानों को 16 से 18 सितंबर तक आवेदन में जरूरी सुधार करने होंगे। वहीं 17 से 19 सितंबर तक सत्यापित और पात्र आवेदनों को आगे बढ़ाया जाएगा।
29 सितंबर से खाते में आएगी राशि
सुधार किए गए आवेदनों की दोबारा जांच के बाद जिला स्तरीय समिति पात्र डाटा को लॉक करेगी। इसके बाद 29 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच PFMS के माध्यम से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि पात्र छात्रों के आधार सीडेड या NPCI से मैप्ड बैंक खातों में भेजी जाएगी।
छात्रों के लिए बड़ी राहत
शासन की इस पहल से उन पात्र छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद तकनीकी या बैंकिंग समस्याओं के कारण योजना का लाभ नहीं ले सके थे। अब निर्धारित समय-सारिणी के तहत आवेदन सुधार, सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
