Meerut Salawa Major Dhyan Chand Sports University: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के सलावा में राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय, मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर चमकाने के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की खेल सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक माध्यम बनेगा। उन्होंने Meerut विश्वविद्यालय का आधिकारिक लोगो, ध्वज और यूनिफॉर्म भी लॉन्च किया। सीएम ने निर्देश दिए कि यहाँ विश्वस्तरीय फैकल्टी की नियुक्ति की जाए और अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों को बतौर कोच नियुक्त कर उनके अनुभव का लाभ नई पीढ़ी को दिया जाए।
#WATCH मेरठ (यूपी): यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूट प्रतियोगिता ने जहां एक नई खेल संस्कृति को जन्म दिया है। वही पीएम मोदी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने भी हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान , जनपद स्तर पर एक स्टेडियम का निर्माण,… pic.twitter.com/BTQomjvX5W
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 22, 2026
खेल विवि की मुख्य विशेषताएं और पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस Meerut विश्वविद्यालय में 12 विभिन्न खेल विधाओं में शैक्षणिक सत्र शुरू किए जाएंगे। शिक्षा के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रखने के लिए यहाँ निम्नलिखित विकल्प उपलब्ध होंगे:
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डिप्लोमा और डिग्री कोर्स
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स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम
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शोध (Research) कार्य
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना ही नहीं, बल्कि खेल विज्ञान, प्रबंधन और अनुसंधान के क्षेत्र में भी विशेषज्ञों की एक नई फौज खड़ी करना है।
पूर्व खिलाड़ियों को मिलेगा ‘कोच’ बनने का मौका
योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि पूर्व खिलाड़ी अब इस विश्वविद्यालय में कोचिंग दे सकेंगे। इससे न केवल अनुभवी खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि युवा खिलाड़ियों को उनके जमीनी अनुभव से सीखने का सीधा मौका मिलेगा। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता दी जाए।
हर मंडल में बनेगा एक स्पोर्ट्स कॉलेज
खेल संस्कृति को गांव-गांव तक पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मंडल में एक स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने की घोषणा की। ये सभी कॉलेज मेरठ के मुख्य खेल विश्वविद्यालय से संबद्ध (Affiliated) होंगे। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के मेधावी खिलाड़ियों को अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने में आसानी होगी।
निजी अकादमियों को सरकारी प्रोत्साहन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को ‘खिलाड़ियों की खान’ बताते हुए सीएम ने कहा कि यहाँ के युवाओं ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जो निजी खेल अकादमियां वास्तव में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं, प्रदेश सरकार उनकी हर संभव आर्थिक और बुनियादी मदद करेगी।
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर समर्पित यह Meerut विश्वविद्यालय ‘विकसित भारत’ के विजन को खेल के मैदान पर उतारने का काम करेगा। यह संस्थान न केवल बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, बल्कि एक ऐसी नई खेल संस्कृति विकसित करेगा जहाँ खेल को करियर के एक सशक्त विकल्प के रूप में देखा जाएगा।









