Divya Murder Case:लखनऊ के गोमतीनगर में हुए तिहरे हत्याकांड की वजह पता लगाने के लिए पुलिस लगातार सबूत जुटा रही है। जांच में अब मानस और उसकी पत्नी दिव्या के iPhone को अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस ने दोनों के घरों से लॉक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांचकर्ता एक्सपर्ट की मदद से इन डिवाइस से डेटा निकालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बिना डिजिटल सबूत को नुकसान पहुंचाए घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने लाई जा सके।
मानस किसके संपर्क में था
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना से पहले मानस किन लोगों के संपर्क में था और उसने किससे क्या बातचीत की थी। जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले भाई-बहनों के बीच क्या बातचीत हुई थी। अधिकारियों को उम्मीद है कि फोन से मिलने वाली जानकारी घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में मदद कर सकती है। कॉल लॉग, मैसेज, ईमेल और अन्य डिजिटल गतिविधियों से घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।
तलाक के बाद साजिश का शक
जांच के दौरान पुलिस इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि क्या 18 अगस्त को फैमिली कोर्ट में तलाक से जुड़ी सुनवाई के बाद किसी तरह की योजना बनाई गई थी। पुलिस को शक है कि इसी अवधि के बाद घटनाक्रम ने गंभीर रूप लिया। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। iPhone से मिलने वाले नोट्स, फोटो, ब्राउजर हिस्ट्री, ऐप गतिविधि और उपलब्ध लोकेशन डेटा की मदद से एक विस्तृत टाइमलाइन तैयार की जा सकती है।
हथियारों की भी जांच
पुलिस मानस के घर से बरामद तीन हथियारों को भी जांच के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। इनमें दो पिस्तौल और एक तमंचा शामिल बताया गया है। अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये हथियार मानस तक कैसे पहुंचे और इन्हें उपलब्ध कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। मोबाइल से मिले ऑनलाइन सर्च, भुगतान संबंधी जानकारी, मैसेज या कॉल हिस्ट्री इस दिशा में कोई सुराग दे सकती है।
डिजिटल सबूतों का मिलान
पुलिस सिर्फ मोबाइल डेटा के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय उसे दूसरे सबूतों से मिलाकर देखेगी। iPhone से मिलने वाली जानकारी का सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक रिकॉर्ड, बैलिस्टिक रिपोर्ट और हथियारों से जुड़े साक्ष्यों के साथ क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके अलावा रिश्तेदारों, पड़ोसियों और अन्य गवाहों के बयानों से भी डिजिटल जानकारी का मिलान किया जाएगा। इससे पुलिस को घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की वास्तविक तस्वीर तैयार करने में मदद मिल सकती है।
जांच में अहम कड़ी
दोनों iPhone फिलहाल लॉक हैं, इसलिए पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डेटा तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांचकर्ताओं के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि फोन से मिलने वाली जानकारी सुरक्षित तरीके से हासिल की जाए और उसकी विश्वसनीयता भी बरकरार रहे। अगर डिवाइस से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलते हैं तो वे तिहरे हत्याकांड की वजह, घटना की तैयारी और संभावित संपर्कों से जुड़े कई सवालों के जवाब देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।





