Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में बन रहा गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ज्यादातर निर्माण कार्य पूरा हो गया है और अब केवल तकनीकी व सुरक्षा से जुड़ी आखिरी जांच बाकी है। जैसे ही यह एक्सप्रेसवे चालू होगा, यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन जाएगा। इससे प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी और लोगों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे को खास तौर पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका ढांचा मजबूत, आधुनिक और बेहद विशाल है। यह एक्सप्रेसवे 140 से ज्यादा नदियों, नालों और अन्य जल स्रोतों के ऊपर से गुजरता है। सुरक्षा और मजबूती को ध्यान में रखते हुए इसमें बड़े स्तर पर पुल और अंडरपास बनाए गए हैं।
क्यों खास है गंगा एक्सप्रेसवे
इस परियोजना के तहत 7 रोड ओवरब्रिज, 17 इंटरचेंज, 14 बड़े पुल और 126 छोटे पुल बनाए गए हैं। इसके अलावा 28 फ्लाईओवर, 50 वाहन अंडरपास, 171 लाइट व्हीकल अंडरपास और 160 छोटे वाहन अंडरपास भी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में बनाए गए ढांचे यह दिखाते हैं कि एक्सप्रेसवे को लंबे समय तक उपयोग के लिए तैयार किया गया है। इसका डिजाइन इस तरह किया गया है कि भारी ट्रैफिक होने पर भी सड़क सुरक्षित बनी रहे।
यात्रा समय में होगी बड़ी बचत
गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक सीधा और तेज सफर संभव होगा। इसके रास्ते में हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे जिले जुड़ेंगे। अभी इन जिलों के बीच यात्रा में काफी समय लग जाता है, लेकिन एक्सप्रेसवे के चालू होते ही यह दूरी कुछ ही घंटों में तय की जा सकेगी। इससे रोजमर्रा की आवाजाही, व्यापार और पर्यटन को बड़ा फायदा होगा।
AI और सेंसर से होगी लगातार निगरानी
गंगा एक्सप्रेसवे को और ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने नई तकनीक अपनाने का फैसला किया है। इसके लिए ETH Zurich यूनिवर्सिटी और स्विट्जरलैंड की RTDT Laboratories AG के साथ समझौता किया गया है। इस करार के तहत एक्सप्रेसवे पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेंसर आधारित सिस्टम लगाए जाएंगे। ये सिस्टम सड़क की हालत, ट्रैफिक दबाव और यात्रियों की सुविधा पर लगातार नजर रखेंगे। किसी भी खराबी या खतरे को समय रहते ठीक किया जा सकेगा।
यूपी के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास का मजबूत आधार है। इसके शुरू होने से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स आसान होगी और रोजगार के नए मौके बनेंगे। गांव और शहर के बीच की दूरी कम होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को विकास की नई दिशा देने वाला एक बेहद अहम प्रोजेक्ट साबित होगा।









