Ghaziabad GDA illegal plotting: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को लोनी क्षेत्र के विवेक विहार और मिथिला नगर में करीब 70 बीघे जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान लगभग 100 प्लॉटों की बाउंड्रीवॉल, बिल्डर के अवैध साइट ऑफिस और नवनिर्मित सड़कों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इन कॉलोनियों को विकसित करने वालों के पास न तो स्वीकृत ले-आउट है और न ही जमीन का पूर्ण मालिकाना हक, जिससे भविष्य में खरीदारों की गाढ़ी कमाई डूबने का बड़ा खतरा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इन विवादित क्षेत्रों में भूखंड खरीदने से बचें।
#Shamli: अवैध कॉलोनियों पर एमडीए का बुलडोजर चला
प्राधिकरण से बिना नक्शा स्वीकृत कराए कॉलोनियां विकसित हो रही
कॉलोनी नाइजरों को पहले ही भेजे गए थे चार नोटिस
नोटिस के बावजूद नक्शे पास नहीं कराए गए#IllegalColony #MDA #BulldozerAction #UPNews #BreakingNews pic.twitter.com/llTIO2yvw7
— Dainik Hint (@dainik_hint) January 13, 2026
अवैध कॉलोनियों पर प्रशासनिक प्रहार
Ghaziabad के चिरौड़ी रोड स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन के सामने विकसित की जा रही इन अवैध कॉलोनियों पर जीडीए की नजर पिछले काफी समय से थी। अधिकारियों के अनुसार, बिना किसी कानूनी अनुमति के कृषि भूमि पर प्लॉटिंग की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल ने चेतावनी दी कि यदि इन क्षेत्रों में दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया गया, तो संबंधित भू-माफियाओं के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
जीडीए सचिव ने जनता को आगाह किया है कि शहर के बाहरी इलाकों में सस्ते प्लॉटों का लालच देकर बिल्डर उन्हें अवैध संपत्तियों में फंसा रहे हैं। निवेश से पहले जीडीए की वेबसाइट पर कॉलोनी की वैधता की जांच करना अनिवार्य है।
नदियों के किनारे से हटेंगे कब्जे: डीएम का सख्त निर्देश
सिर्फ अवैध प्लॉटिंग ही नहीं, बल्कि नदियों के डूब क्षेत्र (Floodplains) में बढ़ते अतिक्रमण पर भी प्रशासन अब ‘एक्शन मोड’ में है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने हाल ही में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा हिंडन और यमुना नदी के किनारों को अवैध निर्माण से मुक्त करना और शहर को बाढ़ की विभीषिका से बचाना है।
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि:
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हिंडन और यमुना के डूब क्षेत्र में बसी अवैध कॉलोनियों को तत्काल चिह्नित किया जाए।
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नदी की भूमि पर किए गए किसी भी प्रकार के पक्के या कच्चे निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
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बाढ़ रोकने के लिए सुराना और कुन्हेंड़ा जैसे संवेदनशील गांवों में सुरक्षात्मक प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो।
सुंदरीकरण और पर्यावरण संरक्षण की योजना
बैठक में Ghaziabad सदर विधायक संजीव शर्मा और मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। हिंडन नदी को ‘लाइफलाइन’ के रूप में पुनर्जीवित करने के लिए वहां बड़े स्तर पर पौधारोपण करने और रिवर फ्रंट को सुंदर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार की योजना है कि अतिक्रमण हटाकर इन क्षेत्रों को हरित पट्टी (Green Belt) के रूप में विकसित किया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर की सुंदरता भी बढ़े।









