ईरान में फंसा गाजियाबाद का लाल: कोस्ट गार्ड ने किया गिरफ्तार, बेहाल मां ने पीएम मोदी से मांगी मदद!

ईरान में 16 भारतीय क्रू सदस्यों की गिरफ्तारी ने गाजियाबाद के मेहता परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। मरीन इंजीनियर केतन मेहता की सुरक्षित वापसी के लिए उनके माता-पिता ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी से भावुक अपील की है।

Ketan Mehta Ghaziabad

Ketan Mehta Ghaziabad fuel smuggling allegations: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच, गाजियाबाद के निवासी और मरीन इंजीनियर केतन मेहता को ईरानी कोस्ट गार्ड्स ने बंदर अब्बास पोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया है। केतन, जो दुबई की एक तेल कंपनी में थर्ड इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे, 16 अन्य भारतीय सहयोगियों के साथ हिरासत में हैं। 6 जनवरी को हुई इस गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया है। पिता मुकेश मेहता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि 31 दिसंबर के बाद से केतन से कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।

गाजियाबाद की डीएलएफ कॉलोनी (भोपुरा) में रहने वाले मुकेश मेहता का बेटा Ketan Mehta (27) जून 2025 में दुबई की कंपनी ‘Prime Tanker LLC’ में बतौर मरीन इंजीनियर शामिल हुआ था। वह जहाज ‘MT BRILLIANT ROAR’ (या MT Valiant Roar) पर तैनात था, जो लंबे समय से ईरान से तेल परिवहन का कार्य कर रहा है।

संपर्क टूटा, बढ़ा डर

Ketan Mehta ने आखिरी बार 31 दिसंबर 2025 को अपने घर फोन किया था। उस समय उसने बताया था कि जहाज डीजल लेने के लिए बंदर अब्बास पोर्ट पर खड़ा है और वह 3-4 दिनों में वापस लौट आएगा। हालांकि, 6 जनवरी को मिली गिरफ्तारी की खबर ने परिवार की उम्मीदें तोड़ दीं। बताया जा रहा है कि ईरानी अधिकारियों ने जहाज पर ईंधन तस्करी के आरोप लगाए हैं, जबकि परिवार का दावा है कि केतन केवल अपनी ड्यूटी कर रहा था।

पिता की भावुक अपील

मुकेश मेहता ने बताया कि हर गुजरता दिन उनके लिए एक डरावने सपने जैसा है। उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता कि वह किस स्थिति में है, उसे खाना मिल रहा है या नहीं। यह केवल कानूनी मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर मानवीय संकट है।” केतन की मां रजनी मेहता भी बेटे की सुरक्षा को लेकर काफी परेशान हैं और लगातार सरकार से मदद मांग रही हैं।

राजनयिक हस्तक्षेप की उम्मीद

परिवार ने विदेश मंत्रालय और नौवहन महानिदेशालय (DG Shipping) को केतन के पासपोर्ट विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंप दिए हैं। हालांकि, अभी तक ईरानी पक्ष से कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर भी इस मामले ने तूल पकड़ लिया है, जहाँ लोग सरकार से इन 16 भारतीयों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए ‘बैक चैनल डिप्लोमेसी’ का उपयोग करने की मांग कर रहे हैं।

वर्तमान में मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात और ईरान के भीतर चल रहे आंतरिक प्रदर्शनों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब पूरे देश की नजरें भारत सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

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