Ghaziabad Ahil Death Case: जिले में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलते हुए एक और मासूम की जान लापरवाही की भेंट चढ़ गई। बुधवार दोपहर मसूरी थाना क्षेत्र के झुंडपुरा गांव में 11 वर्षीय आहिल खेलते समय एक खुले नाले में गिर गया। प्रत्यक्षदर्शी बच्चे की सूचना पर ग्रामीणों ने उसे नाले से बाहर निकाला और आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन घंटों चले संघर्ष के बाद देर रात आहिल ने दम तोड़ दिया। यह घटना नोएडा में हाल ही में हुई एक इंजीनियर की मौत के जख्मों को कुरेदने वाली है। इस हृदयविदारक हादसे ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कब तक खुले नाले और असुरक्षित गड्ढे मासूमों की जिंदगी निगलते रहेंगे।
खेलते-खेलते मौत के आगोश में समाया मासूम
हादसा उस वक्त हुआ जब जाहिद का 11 वर्षीय बेटा आहिल मस्जिद के पास खेल रहा था। खेलते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह पास ही स्थित दो फीट गहरे नाले में जा गिरा। नाला खुला होने के कारण वह पूरी तरह उसमें डूब गया। संयोगवश वहां से गुजर रहे एक अन्य बच्चे की नजर उस पर पड़ी, जिसने तुरंत शोर मचाकर बड़ों को सूचित किया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने उसे निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। आहिल अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
प्रशासनिक सख्ती: जिलाधिकारी ने दी सख्त चेतावनी
इस घटना के बाद Ghaziabad के जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण स्थलों और खतरनाक बेसमेंट की पहचान 25 जनवरी तक पूरी कर ली जाए। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी बिल्डर या विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 30 जनवरी तक सभी चिन्हित स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने या गड्ढों को भरने की विस्तृत कार्ययोजना सौंपने का आदेश दिया गया है।
नगर निगम की जगी नींद: जारी किए टेंडर
हादसे के बाद नगर निगम Ghaziabad भी हरकत में आया है। इंदिरापुरम और आसपास के क्षेत्रों में खुले नालों और जर्जर पुलियों की मरम्मत के लिए आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों का दावा है कि पुरानी और कमजोर पुलियों को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा ताकि भविष्य में आहिल जैसा कोई और शिकार न बने।









