Gonda के परसपुर में ₹13 करोड़ की लागत से बनेगा नया बाईपास, जाम से मिलेगी बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के परसपुर कस्बे में 5 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण के लिए 13 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से स्थानीय निवासियों और भारी वाहनों को अब भीषण जाम से स्थायी मुक्ति मिलने वाली है।

Gonda Paraspur bypass

Gonda Paraspur bypass: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। परसपुर कस्बे में लंबे समय से लंबित बाईपास निर्माण की योजना को अब धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसके लिए मंगलवार को टेंडर प्रक्रिया भी आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। यह 5 किलोमीटर लंबा बाईपास न केवल स्थानीय निवासियों को दैनिक जाम से निजात दिलाएगा, बल्कि अयोध्या, बहराइच और श्रावस्ती के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों के समय की भी बचत करेगा। विधायक अजय सिंह के प्रयासों से स्वीकृत यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी मील का पत्थर साबित होगी।

नहर की पटरी से होकर गुजरेगा नया मार्ग

लोक निर्माण विभाग Gonda के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्तावित बाईपास करनैलगंज-बेलसर-नवाबगंज हाईवे से जुड़ेगा। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि बाईपास का अधिकांश हिस्सा नहर की पटरी पर बनाया जाएगा। यह कस्बे में प्रवेश करने से पहले दाहिनी ओर मुड़ेगा और नहर के किनारे से होते हुए पुनः मुख्य हाईवे में मिल जाएगा। इससे शहर के भीतर के संकरे रास्तों पर भारी वाहनों का दबाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

भारी वाहनों के लिए सुगम होगा रास्ता

Gonda परसपुर कस्बा भौगोलिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि बहराइच और श्रावस्ती से अयोध्या जाने वाले वाहन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। वर्तमान में, निर्माण सामग्री से लदे ट्रक और बड़े वाहन कस्बे के बीच से गुजरते हैं, जिससे घंटों जाम लगा रहता है। बाईपास बनने के बाद ये वाहन बाहर से ही निकल जाएंगे।

विधायक की पहल पर मिली स्वीकृति

इस परियोजना के पीछे स्थानीय Gonda विधायक अजय सिंह का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान परसपुर की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। शासन की मंजूरी मिलने के बाद अब PWD ने कार्ययोजना को गति दे दी है। एक्सईएन (CD-2) विनोद कुमार त्रिपाठी ने पुष्टि की है कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा।

रोजगार और विकास की नई उम्मीद

बाईपास का निर्माण केवल यातायात तक सीमित नहीं है। जानकारों का मानना है कि नए मार्ग के विकसित होने से आसपास के इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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