Indian Medical Tourism 2026: भारत आज चिकित्सा और वेलनेस के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति (Superpower) बनकर उभरा है। ‘Heal in India’ और ‘One Earth One Health’ जैसे विजन के साथ, देश ने चिकित्सा पर्यटन (Medical Value Travel) को एक नई ऊंचाई दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय मरीजों की संख्या जहां 1.82 लाख थी, वहीं 2024 तक यह आंकड़ा बढ़कर 6.44 लाख को पार कर गया है। यह वृद्धि केवल आधुनिक सर्जरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा का भी बड़ा योगदान है। भारत अब जटिल ऑपरेशनों से लेकर मानसिक शांति तक, स्वास्थ्य का एक संपूर्ण और एकीकृत समाधान पेश कर रहा है।
इलाज के साथ वेलनेस का अनूठा संगम
भारत की असली ताकत इसके इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर मॉडल Indian Medical Tourism 2026 में है। यहाँ एक ही छत के नीचे कैंसर और हृदय रोगों का आधुनिक उपचार भी उपलब्ध है और रिकवरी के लिए प्राचीन आयुष पद्धतियां भी। यह मॉडल दुनिया के अन्य देशों जैसे थाईलैंड या तुर्की से भारत को अलग करता है।
प्रधानमंत्री का विजन और Ayush Quality Mark
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंचों पर हमेशा “समग्र स्वास्थ्य” (Holistic Health) पर जोर दिया है। इसी कड़ी में 19 दिसंबर 2025 को ‘Ayush Quality Mark’ लॉन्च किया गया। यह मार्क आयुष उत्पादों और सेवाओं के लिए गुणवत्ता की एक अंतरराष्ट्रीय गारंटी है।
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WHO की सहभागिता: दूसरे वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के दौरान इसे पेश करना दर्शाता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी भारत की पारंपरिक पद्धतियों को विज्ञान-आधारित मानता है।
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भरोसे का मानक: यह प्रमाणन विदेशी मरीजों के मन में गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर संशय दूर करता है।
नीतिगत सुधार: आयुष वीजा और इंश्योरेंस
भारत सरकार ने प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं:
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Ayush Visa: 27 जुलाई 2023 को शुरू हुआ यह विशेष वीजा विदेशी नागरिकों को पारंपरिक उपचार के लिए आसान प्रवेश सुनिश्चित करता है।
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बीमा कवरेज: अब करीब 27 बीमा कंपनियां आयुष उपचारों को कवर कर रही हैं, जिससे विदेशी मरीजों के लिए वित्तीय बोझ कम हुआ है।
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BIS और ISO मानक: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकों (ISO 22525) को अपनाने से भारतीय वेलनेस केंद्रों की साख बढ़ी है।
भविष्य की राह: $13 बिलियन का बाजार
विशेषज्ञों का अनुमान है कि Indian Medical Tourism 2026 तक 13 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। अब यह यात्रा केवल “किफायती इलाज” से बदलकर “गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद समाधान” की ओर मुड़ चुकी है।







