Jaunpur news: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है जिसने पुलिस और आम जनता को हैरान कर दिया है। नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहे 24 वर्षीय सूरज भास्कर ने साल 2026 में एमबीबीएस (MBBS) में दाखिला सुनिश्चित करने के लिए एक रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश रची। दिव्यांग कोटे का लाभ उठाने के उद्देश्य से सूरज ने ग्राइंडर मशीन से अपने बाएं पैर का पंजा खुद ही काट लिया। शुरुआत में उसने इसे अज्ञात बदमाशों द्वारा किया गया हमला बताया और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस की गहन जांच, कॉल डिटेल्स और उसकी प्रेमिका के बयानों ने इस पूरी खौफनाक साजिश की पोल खोलकर रख दी।
पैर काटने के लिए गूगल और यूट्यूब का सहारा
Jaunpur लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर निवासी सूरज भास्कर डीफार्मा कर चुका था और डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था। जांच में पता चला कि सामान्य श्रेणी में कड़े मुकाबले को देखते हुए उसने दिव्यांग कोटे से रास्ता आसान बनाने की सोची। इसके लिए उसने इंटरनेट पर पैर काटने के सुरक्षित तरीके सर्च किए। 18 जनवरी की रात, उसने खुद को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया ताकि उसे दर्द महसूस न हो और फिर ग्राइंडर मशीन से अपना पंजा काटकर अलग कर दिया। उसने सबूत मिटाने के लिए मशीन और पंजे को पास के एक कुएं में फेंक दिया।
प्रेमिका और डायरी ने खोला राज
सूरज ने Jaunpur पुलिस को कहानी सुनाई कि रात में कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और बेहोशी के बाद जब वह सुबह उठा तो उसका पंजा गायब था। पुलिस को उसकी बातों पर तब शक हुआ जब घटनास्थल के पास मोबाइल टावर लोकेशन में किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी नहीं मिली।
सच्चाई तब सामने आई जब पुलिस ने सूरज की प्रेमिका से पूछताछ की। उसने खुलासा किया कि सूरज किसी भी कीमत पर डॉक्टर बनना चाहता था और अक्टूबर 2025 में उसने बीएचयू (BHU) से फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की थी, जिसमें वह विफल रहा। इसके बाद उसने खुद को शारीरिक रूप से क्षति पहुँचाने का फैसला लिया। पुलिस को मौके से एनेस्थीसिया के इंजेक्शन और सूरज की डायरी भी मिली, जिसमें उसने अपनी इस योजना के बारे में लिखा था।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
Jaunpur पुलिस ने कुएं से ग्राइंडर मशीन बरामद कर ली है, हालांकि कटा हुआ पंजा अब तक नहीं मिला है। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि सूरज के खिलाफ गलत सूचना देने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिस मामले में उसने अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई थी, पुलिस अब उसमें फाइनल रिपोर्ट (FR) लगाकर उसे बंद करेगी और युवक पर जालसाजी का मुकदमा चलाएगी।









