Jal Jeevan Mission : पूर्वांचल के जापानी इंसेफलाइटिस (JE) और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) से प्रभावित रहे 1146 गांवों में अब नल से जलापूर्ति का काम तेजी से पूरा कराया जाएगा। राज्य सरकार ने अधिकारियों और अभियंताओं को साफ निर्देश दिया है कि अगले दो महीने के भीतर सभी गांवों तक पानी पहुंचाने का काम पूरा होना चाहिए। निर्धारित समय में लक्ष्य हासिल नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों को बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के निलंबित किया जा सकता है।
753 गांवों में पानी
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में सोमवार को परियोजना की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने काम की प्रगति का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, जेई और एईएस प्रभावित 1146 गांवों में से 753 गांवों में ग्रामीणों को नल से पीने का पानी मिलना शुरू हो चुका है। वहीं, अभी भी 393 गांव ऐसे हैं, जहां योजना का शुरुआती चरण भी पूरा नहीं हो सका है। इस स्थिति पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
दो महीने की डेडलाइन
मंत्री ने कहा कि जलापूर्ति परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और काम की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सिंगल विलेज योजनाओं के अधूरे कार्यों को भी निर्धारित समय में पूरा करने को कहा। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत भी तेजी से कराने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर कार्रवाई
स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों से कहा कि अब काम में देरी की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने इसे अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि इसके बाद लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका जोर इस बात पर रहा कि योजनाएं सिर्फ कागजों पर पूरी न दिखाई दें, बल्कि ग्रामीणों को वास्तव में नल से साफ पेयजल मिलना चाहिए। अधिकारियों को जमीन पर जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करने के निर्देश भी दिए गए।
गांवों में जल अर्पण
मंत्री ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में नल से पेयजल आपूर्ति की योजना पूरी हो चुकी है, वहां जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही हर जिले में जल चौपाल लगाने को भी कहा गया है। इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करना है।
पुरानी योजनाओं पर नाराजगी
समीक्षा बैठक के दौरान जल निगम ग्रामीण की पुरानी योजनाओं में हो रही देरी को लेकर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करें और अभियंताओं की ओर से दिए जा रहे दावों का मौके पर जाकर सत्यापन करें। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी देने को कहा गया है। मंत्री ने साफ किया कि योजनाओं की निगरानी केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेनी होगी।








