झांसी GST रिश्वतकांड: प्रभा भंडारी ही नहीं, रिश्वत के ‘सिंडिकेट’ में शामिल पूरे रैकेट का पर्दाफाश करेगी CBI।

झांसी सीजीएसटी (CGST) रिश्वत मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के साथ-साथ अब विभाग के अन्य अफसरों की भूमिका और पिछले चार वर्षों में हुई छापेमारी के दौरान हुए 'रुपयों के खेल' की गहन जांच होगी।

Jhansi GST bribery case

Jhansi GST bribery case: झांसी के जीएसटी रिश्वतकांड में सीबीआई ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की गिरफ्तारी के बाद अब साल 2022 से 2025 के बीच हुई सभी बड़ी छापेमारी की फाइलें फिर से खोली जा रही हैं। सीबीआई को शक है कि इस विभाग में रिश्वतखोरी का एक व्यवस्थित रैकेट काम कर रहा था, जिसमें कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं।

झांसी में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अब इस भ्रष्टाचार की जड़ें खोजने में जुट गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह केवल एक बार का मामला नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत व्यापारियों से वसूली की जा रही थी।

जांच के प्रमुख बिंदु:

बरामदगी और कार्रवाई: सीबीआई ने अब तक इस मामले में करीब 1.60 करोड़ रुपये नकद, भारी मात्रा में सोना-चांदी और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रभा भंडारी को मास्टरमाइंड बताते हुए विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में कुछ और बड़े अधिकारियों पर शिकंजा कसा जा सकता है।

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