Viral video: कानपुर के सचेंडी इलाके में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब घटना के अगले दिन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में पीड़िता, उसका भाई, आरोपी यूट्यूबर और निलंबित दरोगा एक ही पुलिस चौकी में साथ दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सचेंडी थाना क्षेत्र के एक गांव में सोमवार रात 14 वर्षीय किशोरी को अगवा कर कार में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने यूट्यूबर शिवबरन यादव और एक दरोगा पर आरोप लगाए थे। आरोप है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती और न तो पाक्सो एक्ट की धाराएं लगाईं और न ही सामूहिक दुष्कर्म की।
चौकी में आरोपी से आमना-सामना
घटना के अगले दिन पीड़िता अपने भाई के साथ भीमसेन चौकी पहुंची। वहां आरोपी शिवबरन यादव और दरोगा अमित मौर्या पहले से मौजूद थे। वीडियो में साफ दिखता है कि डरी-सहमी पीड़िता सिसकते हुए आरोपी की पहचान करती है। उसने यह भी बताया कि घटना में पुलिस की वर्दी जैसा कपड़ा पहने एक व्यक्ति भी शामिल था, लेकिन वह उसका चेहरा ठीक से पहचान नहीं पाई। पूछताछ के दौरान आरोपी शिवबरन ने पुलिस के सामने ही पीड़िता के भाई को गालियां दीं, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मी चुप रहे। इतना ही नहीं, निलंबित दरोगा अमित मौर्या किसी अन्य व्यक्ति से पूरी पूछताछ का वीडियो बनाने को कहता भी दिखाई देता है।
मामला बढ़ा तो हुई कार्रवाई
जब यह मामला सार्वजनिक हुआ और दबाव बढ़ा, तब पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के निर्देश पर यूट्यूबर शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद आरोपी दरोगा अमित मौर्या फरार हो गया। पुलिस आयुक्त ने दरोगा अमित मौर्या और इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया।
इसके अलावा डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी को हटाकर मुख्यालय भेज दिया गया। एक चौकी प्रभारी को भी निलंबित किया गया, जबकि एसीपी पनकी को लाइन हाजिर किया गया। पुलिस आयुक्त ने खुद घटनास्थल, सचेंडी थाना और भीमसेन चौकी का निरीक्षण किया।
फरार दरोगा पर इनाम
दरोगा अमित मौर्या की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज तक भेजी गई हैं। आशंका है कि वह हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की कोशिश कर सकता है।
वीडियो की जांच भी शुरू
अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वायरल वीडियो किसने बनाया और किसने उसे सार्वजनिक किया। वीडियो कहां से लीक हुआ और किस डिवाइस से भेजा गया, इसके लिए सर्विलांस टीम को लगाया गया है। यह मामला न सिर्फ एक गंभीर अपराध को उजागर करता है, बल्कि पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।









