Massive Fire At Coaching Centre In Aliganj: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर और ट्रेनिंग संस्थान में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत के अंदर कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। आग की गंभीरता को देखते हुए कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर लगाई गई हैं।
बचाव अभियान जारी
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी है वहां एक आईटी ट्रेनिंग सेंटर भी संचालित होता है, जहां युवक और युवतियां प्रशिक्षण लेते हैं। आशंका है कि घटना के समय कुछ प्रशिक्षु और कर्मचारी भवन के अंदर मौजूद थे। एक फायर कर्मी ने बताया कि स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 10 से 12 लोगों के अंदर फंसे होने की संभावना है। हालांकि, आधिकारिक रूप से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। दमकल कर्मी लगातार इमारत के अंदर पहुंचने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
परिवारों की बढ़ी चिंता
घटना के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है। मौके पर पहुंचे प्रभजोत सिंह ने बताया कि उनका बेटा सुखमणि सिंह एक गेमिंग प्रोजेक्ट से जुड़े काम में लगा हुआ था। दोपहर करीब सवा दो बजे उनके बेटे ने ही फोन कर आग लगने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि उस कार्यालय में करीब 20 से 22 लोग काम करते थे। घटना के बाद से परिवार के सदस्य लगातार अपने प्रियजनों की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने और राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि घायलों को तुरंत और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने और हर जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।
डिप्टी सीएम भी पहुंचे मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली और बचाव अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद संबंधित विभाग घटना के कारणों की जांच करेगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और इससे कितना नुकसान हुआ है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य सबसे बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
