Road Infrastructure Review: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और राज्य सरकार के अधिकारियों ने कई अहम परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक तरक्की का बड़ा केंद्र बन चुका है। ऐसे में राज्य में विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार करना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अयोध्या से जेवर और सोनौली से प्रयागराज तक सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। साथ ही भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की मंजूरी, बिजली-पानी जैसी उपयोगिताओं के स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि सभी परियोजनाएं बिना देरी के आगे बढ़ सकें।
742 किलोमीटर का शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बनेगा बड़ा बदलाव
बैठक में लगभग 742 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित शामली-गोरखपुर चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी। इससे उद्योग, निवेश, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विस्तार हुआ है। इस दौरान करीब 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जबकि लगभग 9,329 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा किया जा चुका है। अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच 606 किलोमीटर नई परियोजनाओं को मंजूरी मिली और 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनकर तैयार हुए। इन परियोजनाओं पर अब तक करीब 1.94 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
कई बड़े हाईवे और रिंग रोड परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रहीं
समीक्षा बैठक में मथुरा-बरेली-सीतारगंज चार लेन परियोजना, आगरा-अलीगढ़ फोर लेन सड़क, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर को जोड़ने वाली छह लेन सड़क और मुरादाबाद-काशीपुर परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी परियोजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। इनके पूरा होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच यात्रा और माल परिवहन पहले से अधिक आसान होगा। वहीं बरेली बाईपास में पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर नितिन गडकरी ने आधुनिक तकनीक से वृक्षों का प्रत्यारोपण करने पर जोर देते हुए कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।
पूर्वांचल, बुंदेलखंड और धार्मिक शहरों को मिलेगा बेहतर संपर्क
बैठक में सोनौली-गोरखपुर फोर लेन, गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज सदर्न रिंग रोड और प्रयागराज-जौनपुर-आजमगढ़-दोहरीघाट मार्ग की प्रगति की भी समीक्षा हुई। इन परियोजनाओं से बिहार, नेपाल सीमा और पूर्वांचल क्षेत्र के साथ संपर्क मजबूत होगा। अयोध्या रिंग रोड के पूरा होने पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा देवा-फतेहपुर फोर लेन, वृंदावन बाईपास, कर्नलगंज और पश्चिमी गोंडा बाईपास, रामादेवी से गोल चौराहा एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रयागराज में नैनी पुल के समानांतर नया पुल बनाने और वृंदावन व प्रयागराज रोपवे परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
चार लेन संपर्क और सड़क सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में राजधानी लखनऊ से चार लेन संपर्क से वंचित जिलों को जोड़ने, 33 जिला मुख्यालयों के बीच चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने और कई शहरों में रिंग रोड तथा बाईपास बनाने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। साथ ही अंतरराज्यीय सीमाओं पर आधुनिक प्रवेश द्वार विकसित करने और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। नितिन गडकरी ने कहा कि हर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सुरक्षित डिजाइन, ब्लैक स्पॉट सुधार, आधुनिक संकेतक और सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से सभी सड़क परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी और उत्तर प्रदेश आधुनिक सड़क नेटवर्क के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
