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आई-कार्ड बना काल: मेरठ में 13 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत ने सबको हिलाया

Meerut

Meerut School Student Death: मेरठ में सोमवार की देर शाम एक दुखद और असामान्य घटना सामने आई, जहां आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ के छात्र लक्ष्य (13) की जान स्कूल आई-कार्ड के रिबन की वजह से चली गई। घटना कंकरखेड़ा स्थित सैनिक विहार कॉलोनी में हुई। त्रिपुरा में तैनात बीएसएफ जवान दीपक बालियान के इकलौते बेटे लक्ष्य की मृत्यु का कारण जानकर हर कोई सकते में है। ट्यूशन से लौटने के बाद कपड़े बदलने के लिए बाथरूम में जाने के दौरान वह फर्श पर फिसल गया।

गिरने के दौरान, उसके गले में पड़ा आई-कार्ड का रिबन संभवतः नल की टोंटी या बाथरूम की खूंटी में उलझ गया। इससे उसका गला कस गया और पल भर में ही उसकी सांसें थम गईं। परिवार जब उसे सरधना रोड स्थित अस्पताल लेकर पहुंचा, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बाथरूम में फिसलन बनी जानलेवा

मुजफ्फरनगर जिले के मूल निवासी लक्ष्य अपनी मां गुड़िया और दो बहनों के साथ सैनिक विहार कॉलोनी में रहता था। परिजनों के अनुसार, लक्ष्य शाम को ट्यूशन से वापस आया और कपड़े बदलने के लिए ऊपर के कमरे के बाथरूम में गया। काफी देर तक उसके बाहर न आने पर मां गुड़िया उसे देखने गईं। वहां उन्होंने लक्ष्य को फर्श पर औंधा पड़ा देखा, जिसके गले में आई-कार्ड की स्ट्रिप फंदे की तरह कसी हुई थी। मां ने तुरंत स्ट्रिप हटाई और उसे बचाने के लिए मुंह से सांस (सीपीआर) देने की कोशिश की, लेकिन लक्ष्य का शरीर ठंडा पड़ चुका था। पड़ोसियों की मदद से उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच

Meerut घटना की सूचना मिलने पर कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर विनय कुमार और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण फिसलने और आई-कार्ड के रिबन से गला कसना सामने आया है। पुलिस द्वारा फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर भेजकर छानबीन कराई गई है।

शुरुआत में, मृतक के पिता दीपक बालियान (जो वर्तमान में त्रिपुरा में तैनात हैं) और चाचा अमित (यूपी पुलिस में तैनात) ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया था। हालांकि, Meerut एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने परिवार से बातचीत की और पोस्टमार्टम के लिए उन्हें तैयार किया ताकि मौत का सही और स्पष्ट कारण पता चल सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। लक्ष्य की मां गुड़िया और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने लक्ष्य को बेहद होनहार और शांत स्वभाव का बच्चा बताया। इस दुखद हादसे ने स्कूल आई-कार्ड जैसे रोजमर्रा के सामान से जुड़े खतरों की ओर गंभीर ध्यान खींचा है।

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