Meerut murder case: मेरठ का चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे ‘नीला ड्रम कांड’ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर चर्चा में है। ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 ने इस विभीत्स घटना पर आधारित वेब सीरीज ‘हनीमून से हत्या: व्हाई विमेन किल’ का पोस्टर जारी किया है। 9 जनवरी को रिलीज होने वाली यह सीरीज पांच कड़ियों में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला द्वारा रची गई खौफनाक साजिश को दिखाएगी। हालांकि, पोस्टर में सीमेंट से भरे नीले ड्रम और बाहर लटकते हाथ की तस्वीर देखकर मेरठ के लोग आक्रोशित हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि व्यापारिक लाभ के लिए पुराने जख्मों को कुरेदा जा रहा है। लोगों का कहना है कि वे इस डरावनी याद को भुलाना चाहते हैं, पर मनोरंजन के नाम पर इसे दोबारा जीवित किया जा रहा है।
हत्या और क्रूरता की हदें
Meerut पुलिस जांच के अनुसार, मुस्कान और साहिल ने सौरभ को नींद की गोलियां दीं और फिर सीने में चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्यों को मिटाने के लिए उन्होंने बाजार से नीला ड्रम, सीमेंट और चाकू खरीदा। लाश को कई टुकड़ों में काटकर तकिये के कवर में भरा गया और फिर ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया गया ताकि बदबू न आए।
लाश के पास जश्न और हिमाचल की सैर
हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद दोनों आरोपी पूरी रात उसी घर में लाश के साथ रहे। अगले दिन जब ड्रम भारी होने के कारण वे उसे हटा नहीं पाए, तो वे बेफिक्र होकर हिमाचल प्रदेश घूमने निकल गए। मनाली और शिमला की बर्फीली वादियों में वे 17 मार्च तक बियर पीते और फोटो खिंचवाते रहे, जबकि घर में सौरभ की लाश सीमेंट में दबी सड़ रही थी।
Meerut वालों का विरोध
अब जब इस घटना पर डॉक्यूमेंट्री सीरीज आ रही है, तो मेरठ के लोग इसे ‘दुख की मार्केटिंग’ बता रहे हैं।
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सचिन जैन जैसे स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या यह समाज को जागरूक करेगी या सिर्फ सनसनी फैलाएगी?
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गजेन्द्र कुमार का कहना है कि नीले ड्रम की वह छवि आज भी डराती है, उसे स्क्रीन पर देखना असहनीय होगा।
वर्तमान में मुस्कान और साहिल जेल में हैं। इस केस में अब तक 15 गवाहों की गवाही हो चुकी है और कोर्ट में सुनवाई जारी है।
