मेरठ पुलिस का मेगा सर्च ऑपरेशन: 200 जवान, 5 राज्य और एक लक्ष्य – ‘रूबी की बरामदगी’

उत्तर प्रदेश के मेरठ में रूबी के अपहरण और उसकी मां की हत्या के बाद पुलिस ने 200 जवानों की टीम बनाकर 10 राज्यों में छापेमारी शुरू कर दी है। राजनीतिक दबाव और सामाजिक तनाव के बीच मुख्य आरोपियों की तलाश जारी है।

Ruby Kidnapping Case

Ruby Kidnapping Case: मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में एक दलित युवती, रूबी, के सनसनीखेज अपहरण और उसकी मां सुनीता की नृशंस हत्या ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने घर में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय ने संज्ञान लिया है, जिसके बाद एसएसपी/डीआईजी डॉ. विपिन ताडा ने 200 पुलिसकर्मियों की एक विशाल टीम गठित की है। यह टीम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में भी हत्यारोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। अब तक पुलिस ने मुख्य आरोपी के पिता सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है।

मेरठ में पुलिस का कड़ा पहरा

मेरठ पुलिस ने Ruby की सुरक्षित बरामदगी के लिए एक किलेबंदी जैसी रणनीति तैयार की है। जांच को गति देने के लिए पुलिस ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

गांव में तनाव और राजनीतिक सरगर्मी

वारदात के बाद कपसाड़ गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल ने वहां कैंप लगा रखा है। मुख्य आरोपी पारस सोम और सुनील के घर पर ताले लटके हुए हैं और उनके परिजन फरार हैं। पुलिस ने मृतका के बेटे नरसी की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इस Ruby घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की कानून-व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं के लगातार गांव पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

अखिलेश यादव का बयान: “मेरठ में मां की हत्या और बेटी का अपहरण भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था की विफलता का जीता-जागता उदाहरण है।”

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