New UP Assembly Project: राजधानी दिल्ली में नई संसद भवन बनने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी नई और आधुनिक विधानसभा बनाने की तैयारी तेज हो गई है। लखनऊ के गोमती नगर स्थित विपुल खंड में इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत एक नई और अत्याधुनिक विधानसभा भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सबसे बड़ा कदम उठाते हुए अब इस परियोजना के लिए एक विशेषज्ञ सलाहकार यानी कंसल्टेंट चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह कंसल्टेंट भवन का डिजाइन तैयार करेगा और साथ ही पूरी परियोजना की वित्तीय और प्रशासनिक योजना भी बनाएगा।
जमीन का दिलचस्प इतिहास
नई विधानसभा के लिए जो जमीन चुनी गई है, उसका इतिहास भी काफी खास है। गोमती नगर के प्राइम लोकेशन विपुल खंड में स्थित यह जमीन पहले नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की थी। बाद में इसे सहारा समूह को लीज पर दिया गया था। लंबे समय तक चली कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद अब यह जमीन फिर से शासन के कब्जे में आ चुकी है।
इसी बड़े भूखंड पर अब उत्तर प्रदेश की नई विधानसभा बनाने की योजना तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि यह परिसर आने वाले समय में लोकतंत्र का नया केंद्र बनेगा।
तकनीकी और आर्थिक मजबूती पर जोर
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन की ओर से कंसल्टेंट के चयन के लिए साफ और सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि नई विधानसभा की योजना तकनीकी, आर्थिक और प्रशासनिक हर दृष्टि से मजबूत हो।
कंसल्टेंट की नियुक्ति के बाद शुरुआती सर्वे, डिजाइन, बजट और मास्टर प्लान जैसे सभी जरूरी काम शुरू होंगे। यह पूरी परियोजना भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी।
नई विधानसभा की जरूरत क्यों?
वर्तमान विधानसभा भवन करीब 100 साल पुराना है। समय के साथ विधायकों की संख्या बढ़ी है और आधुनिक तकनीक की जरूरत भी बढ़ गई है। सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल सुविधाओं के लिहाज से भी नया भवन जरूरी माना जा रहा है।
नई विधानसभा भवन को पेपरलेस यानी ई-विधानसभा की सोच के साथ बनाया जाएगा। इसमें विधायकों और अधिकारियों के लिए आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी।
भविष्य की योजना और डिजाइन
कंसल्टेंट तय होने के बाद जमीन की जांच, पर्यावरण से जुड़ी रिपोर्ट और वास्तु डिजाइन का काम शुरू होगा। माना जा रहा है कि नई विधानसभा का डिजाइन उत्तर प्रदेश की संस्कृति और आधुनिक तकनीक का शानदार मेल होगा।
इस परियोजना के शुरू होने से गोमती नगर इलाके का महत्व और बढ़ेगा और यह उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक ताकत का प्रतीक भी बनेगा।







