Golf Course Society Notice: उत्तर प्रदेश के डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसायटीज़ एवं चिट्स, गाजियाबाद ने नोएडा गोल्फ कोर्स सोसायटी को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। यह कार्रवाई दो बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार और सोसायटी के सदस्य विनोद कापड़ी की शिकायत पर की गई है। 30 जून 2026 को जारी नोटिस में सोसायटी से शिकायत के प्रत्येक बिंदु पर साक्ष्यों के साथ जवाब देने और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 की धारा-24 के तहत जांच क्यों न शुरू की जाए।
शिकायत में प्रशासनिक और वित्तीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
विनोद कापड़ी ने अपनी शिकायत में सोसायटी के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उपविधियों के पालन, वार्षिक सामान्य सभा (AGM), सचिव के कार्यकाल, चुनाव प्रक्रिया, नियुक्तियों और वित्तीय फैसलों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने पूरे मामले का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग रखी है ताकि सभी वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निष्पक्ष समीक्षा हो सके।
AGM, बैलेंस शीट और उपविधियों की जांच की मांग
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2006 तक की प्रमाणित उपविधियों के अनुसार हर साल AGM आयोजित करना और सदस्यों को बैलेंस शीट, ऑडिट रिपोर्ट समेत जरूरी वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य है। कापड़ी का आरोप है कि कई वर्षों से इन नियमों के पालन को लेकर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने वर्ष 2008 से अब तक हुई सभी AGM के नोटिस, एजेंडा, कार्यवाही विवरण, उपस्थिति रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट और रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा अभिलेखों की जांच कराने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई है कि क्या संबंधित दस्तावेज वास्तव में सदस्यों को उपलब्ध कराए गए थे।
सचिव के कार्यकाल और नियुक्तियों पर भी उठे प्रश्न
शिकायत में वर्तमान सचिव की नियुक्ति और कार्यकाल की वैधानिकता पर भी सवाल उठाए गए हैं। कापड़ी का कहना है कि उपलब्ध प्रमाणित उपविधियों में सचिव का कार्यकाल सीमित अवधि के लिए निर्धारित है। ऐसे में यह जांच होनी चाहिए कि कार्यकाल बढ़ाने का आधार क्या था और यदि वर्ष 2006 के बाद उपविधियों में कोई संशोधन किया गया है तो उसका विधिवत रिकॉर्ड और अनुमोदन उपलब्ध है या नहीं। इसके अलावा कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा समाप्ति, वेतन निर्धारण, टेंडर प्रक्रिया, खरीद और ठेकों के आवंटन जैसे मामलों की भी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग, सोसायटी से मांगा गया स्पष्टीकरण
शिकायत में भविष्य के चुनाव डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय या उनके द्वारा नामित अधिकारी की निगरानी में कराने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। डिप्टी रजिस्ट्रार ने नोटिस में सोसायटी से सभी आरोपों पर सात दिनों के भीतर साक्ष्यों सहित जवाब देने को कहा है। वहीं विनोद कापड़ी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि संस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही, वित्तीय शुचिता और सुशासन सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है तो स्वतंत्र जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा और यदि कहीं अनियमितता हुई है तो उसका निष्पक्ष परीक्षण सोसायटी और उसके सदस्यों के हित में होगा।
