नोएडा अथॉरिटी का बड़ा धमाका: स्पोर्ट्स सिटी से हटी रोक, घर खरीदारों और व्यापारियों की लगी लॉटरी!

नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से रोक हटाने और 10,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री का मार्ग प्रशस्त करने जैसे बड़े फैसले लिए गए। साथ ही, पारिवारिक संपत्ति ट्रांसफर शुल्क माफी और व्यापारिक नियमों में ढील देकर जनता को राहत दी गई।

Noida

Noida Flat Registry: नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में शहर के रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास को लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। स्पोर्ट्स सिटी परियोजना पर लगी लंबी रोक हटने से अब करीब 10 हजार फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है। इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण ने छोटे भूखंडों और दुकानों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए ‘यूनिफाइड पॉलिसी’ में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। अब पारिवारिक संपत्तियों के हस्तांतरण पर कोई ट्रांसफर शुल्क नहीं लगेगा, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। ये फैसले न केवल अटकी हुई आवासीय परियोजनाओं को गति देंगे, बल्कि नोएडा में व्यापार और निवेश के माहौल को भी नई मजबूती प्रदान करेंगे।

नोएडा बोर्ड बैठक: फ्लैट खरीदारों और व्यापारियों के लिए बड़ी सौगात

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित Noida प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास और जनहित से जुड़े कई क्रांतिकारी प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र स्पोर्ट्स सिटी परियोजना और यूनिफाइड पॉलिसी में बदलाव रहा।

स्पोर्ट्स सिटी: 10,000 परिवारों का इंतजार खत्म

सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना, जो पिछले कई वर्षों से कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण रुकी हुई थी, अब फिर से पटरी पर लौटेगी।

  • रजिस्ट्री का मार्ग: बोर्ड ने परियोजना पर लगी रोक हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है, जिससे लगभग 10,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो सकेगी।

  • बिल्डरों पर शर्तें: सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत, बिल्डरों को खेल सुविधाओं का विकास और बकाया राशि का भुगतान करना अनिवार्य होगा। लगभग 20 से अधिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी शर्तों के अनुपालन के बाद ही नक्शे पास किए जाएंगे।

व्यापार और उद्योगों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’

Noida प्राधिकरण ने उद्यमियों और छोटे व्यापारियों के लिए नियमों में बड़ी ढील दी है:

  1. यूनिफाइड पॉलिसी में संशोधन: अब 800 वर्ग मीटर तक के छोटे भूखंडों और दुकानों के आवेदन के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) और विस्तृत लेन-देन का विवरण देना अनिवार्य नहीं होगा।

  2. पारिवारिक संपत्तियां: अब दादा-दादी या नाना-नानी से विरासत में मिलने वाली संपत्तियों के ट्रांसफर पर कोई ट्रांसफर शुल्क (TM Charge) नहीं देना होगा। यह नियम आवासीय के साथ-साथ अन्य श्रेणियों पर भी लागू होगा।

स्मार्ट लॉजिस्टिक और इंफ्रास्ट्रक्चर

Noida को जाम मुक्त बनाने और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर करने के लिए ‘सिटी लॉजिस्टिक प्लान’ को मंजूरी दी गई है। इसके लिए IIT दिल्ली, IIT रुड़की और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के साथ मिलकर विशेष रूट और सिस्टम तैयार किया जाएगा ताकि भारी वाहनों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

अमिताभ कांत समिति की सफलता

बैठक में यह भी साझा किया गया कि रियल एस्टेट क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने के लिए बनी अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का लाभ अब तक 57 में से 36 परियोजनाओं को मिल चुका है। इससे अटके हुए प्रोजेक्ट्स पूरे हो रहे हैं और बायर्स को उनके घर मिल रहे हैं।

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