Murder Mystery: प्रयागराज में मोनू हत्याकांड का खुलासा, किसने रची साजिश और SUV से कराया अपहरण, तीन आरोपी गिरफ्तार

प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर मोनू के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतका के पिता ने बेटी की मौत का बदला लेने के लिए साजिश रची थी।प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर मोनू के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतका के ...

Prayagraj News: प्रयागराज और कौशांबी की सीमा पर हुए मोनू हत्याकांड का पूरामुफ्ती पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को कौशांबी के महिलाग्राम घाट इलाके से SUV सवार बदमाशों ने मोनू का अपहरण किया था। आरोप है कि अपहरण के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और शव को यमुना नदी में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने मृतका के पिता नेम सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस अभी तक मोनू का शव बरामद नहीं कर सकी है और गोताखोरों की मदद से यमुना में तलाश जारी है।

बेटी की मौत का बदला

पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे मोनू के बड़े भाई के ससुर नेम सिंह का हाथ था। कुछ महीने पहले मोनू के भाई की शादी संदीपन घाट क्षेत्र की एक युवती से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसके बाद उसके मायके वालों की शिकायत पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। इस केस में मोनू, उसका भाई और मां आरोपी बनाए गए थे। मोनू के भाई और मां को जेल भी भेजा गया था। पुलिस का कहना है कि बेटी की मौत से नाराज नेम सिंह ने बदला लेने के लिए मोनू को निशाना बनाने की साजिश रची।

SUV से किया अपहरण

जांच के मुताबिक, 19 अगस्त को मोनू अचानक लापता हो गया। परिवार ने पूरामुफ्ती थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन मोनू का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। मंगलवार को परिजनों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और सड़क पर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए शक के आधार पर नेम सिंह और उसके भतीजे पुनीत को हिरासत में लिया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार दोनों ने अपहरण और हत्या की पूरी कहानी बताई।

यमुना में फेंका शव

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मोनू को SUV से अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को कौशांबी के महिलाग्राम घाट के पास बने पुल से यमुना नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस SUV के इस्तेमाल, वारदात में शामिल अन्य लोगों और हत्या से जुड़े सभी सबूतों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है।

शव तलाशना चुनौती

इस हत्याकांड में सबसे बड़ी चुनौती मोनू के शव को बरामद करना है। पुलिस और रेस्क्यू टीम गोताखोरों की मदद से यमुना नदी में लगातार तलाश अभियान चला रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल SUV किसकी थी और उसे कौन चला रहा था। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस हत्या की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।

बदले में कत्ल

मोनू हत्याकांड की अब तक की जांच में पुलिस को हत्या के पीछे बदले की भावना प्रमुख वजह नजर आ रही है। आरोप है कि नेम सिंह अपनी बेटी की मौत के लिए मोनू के परिवार को जिम्मेदार मानता था। इसी नाराजगी में उसने दामाद के भाई को निशाना बनाने की साजिश रची। फिलहाल तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि मोनू के शव की तलाश और वारदात में शामिल अन्य लोगों की जांच जारी है।

Exit mobile version