Tragic River Drowning: प्रयागराज में दर्दनाक हादसा, मां शीतला धाम मेले में यमुना में डूबने से 14 वर्षीय किशोर की मौत

प्रयागराज के मां शीतला धाम मेले में यमुना नदी में स्नान के दौरान 14 वर्षीय रितिक की डूबने से मौत हो गई। बारिश से बढ़े जलस्तर और तैरना न आने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

Tragic River Drowning: प्रयागराज के यमुनापार क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। घूरपुर थाना क्षेत्र के सारीपुर स्थित मां शीतला धाम मेले में यमुना नदी में स्नान के दौरान 14 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। काफी देर तक चले खोज अभियान के बाद किशोर को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

डांडी गांव का रहने वाला था रितिक

मृतक की पहचान नैनी थाना क्षेत्र के डांडी गांव निवासी 14 वर्षीय रितिक के रूप में हुई है। वह अपने पिता पूर्णवासी भारतीय और मां गीता के साथ मां शीतला धाम में दर्शन और पूजा करने आया था। दर्शन से पहले परिवार यमुना नदी में स्नान करने पहुंचा। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी में स्नान कर रहे थे और किनारे कई नावें भी लगी हुई थीं।

तैरना नहीं आता था, गहरे पानी में डूबा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रितिक एक नाव पर चढ़ गया और वहीं से यमुना नदी में कूदकर स्नान करने लगा। उसे तैरना नहीं आता था। लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर पहले से काफी बढ़ा हुआ था। पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वह गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह नजरों से ओझल हो गया।

भीड़ और जाम के कारण अस्पताल पहुंचने में हुई देरी

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने किशोर की तलाश शुरू कर दी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे नदी से बाहर निकाला गया। इसी दौरान घूरपुर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मेले में भारी भीड़ और सड़क पर लगे जाम की वजह से किशोर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका ले जाने में काफी समय लग गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

चार बहनों का इकलौता भाई था रितिक

रितिक अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी चार बड़ी बहनें हैं। वह कक्षा सात का छात्र था। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर में मातम छा गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर घर लौट गया। इस हादसे ने एक बार फिर बरसात के मौसम में बढ़े नदी के जलस्तर के बीच सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर किया है।

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