Rajendra Nath Lahiri : सीएम योगी ने काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक को दी श्रद्धांजलि, कहा “युवाओं के लिए हैं प्रेरणा”

राजेंद्रनाथ लाहिड़ी की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी अमर क्रांतिकारी को नमन किया। राजेंद्रनाथ लाहिड़ी ने काकोरी ट्रेन एक्शन में अहम भूमिका निभाई थी और 17 दिसंबर 1927 को अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दे दी थी।

Rajendra Nath Lahiri : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के महानायक और अमर क्रांतिकारी राजेंद्रनाथ लाहिड़ी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान देश के युवाओं को सदैव राष्ट्रभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी ने किया नमन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि क्रांति पथ के अडिग राही और ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के महानायक राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

भाजपा नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की अमर गाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें मां भारती का वीर सपूत बताते हुए कहा कि उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी युवाओं को कर्तव्यपथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को शत-शत नमन किया।

कौन थे राजेंद्रनाथ लाहिड़ी?

राजेंद्रनाथ लाहिड़ी का जन्म 29 जून 1901 को वर्तमान बांग्लादेश के पावना जिले के मोहनपुर गांव में हुआ था। बचपन में ही वह अपने मामा के घर वाराणसी आ गए, जहां उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान उनका जुड़ाव क्रांतिकारी गतिविधियों से हुआ और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।

काकोरी ट्रेन एक्शन में निभाई अहम भूमिका

9 अगस्त 1925 को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर राजेंद्रनाथ लाहिड़ी ने काकोरी रेलवे स्टेशन के पास सरकारी खजाना ले जा रही ट्रेन को निशाना बनाया। इस कार्रवाई का उद्देश्य अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के लिए हथियार खरीदने हेतु धन जुटाना था। बाद में यह घटना इतिहास में ‘काकोरी कांड’ के नाम से प्रसिद्ध हुई, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम दिया।

17 दिसंबर 1927 को दी गई फांसी

काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद अंग्रेजी हुकूमत ने राजेंद्रनाथ लाहिड़ी सहित चार क्रांतिकारियों को फांसी की सजा सुनाई। राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को गोंडा जेल में रखा गया, जहां 17 दिसंबर 1927 को उन्हें फांसी दे दी गई। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट रूप से दर्ज है।

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