Ram Mandir donation scam : अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दानपात्र से करोड़ों रुपये के गबन के कथित मामले ने देश से लेकर विदेश तक हलचल मचा दी है। इस पूरे विवाद पर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हनुमंत कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस कृत्य को ‘श्रद्धा की चोरी’ करार देते हुए आरोपियों को भगवान के ‘महादंड’ की चेतावनी दी है।
‘ये कलयुग के रावण हैं…’
जकार्ता के मंच से बोलते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बेहद भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने इस घटना की तुलना सीधे त्रेतायुग से करते हुए कहा, “रावण तो ये भी हैं, बस रूप बदल गए हैं। रावण ने तो केवल माता जानकी जी की चोरी की थी, जिसका परिणाम यह हुआ कि सपरिवार उसका नाश हो गया। लेकिन इन लोगों ने तो राम जी के दान पात्र से लाखों लोगों की श्रद्धा और करोड़ों भक्तों का भरोसा चुराया है।” उन्होंने पुलिस एक्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि जो राम का पैसा खाएगा, वह सरकारी जेल तो जाएगा ही, साथ ही प्रभु का महादंड भी भुगतेगा।
SIT की रिपोर्ट और पुलिस का कड़ा एक्शन
इस बीच, उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अगुवाई वाली एसआईटी (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 25 जून को राम जन्मभूमि कोतवाली में केस दर्ज किया। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई है।
केस दर्ज होने के चंद घंटों के भीतर ही यूपी पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव, अविनाश शुक्ला समेत सभी 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच के मुताबिक, यह एक बेहद संगठित नेटवर्क था, जो फर्जी रसीद बुक्स और अनधिकृत तरीकों से रामलला के भक्तों को गुमराह कर दान का पैसा सीधे अपनी जेबों में डाल रहा था।
सियासी घमासान
इस धार्मिक और कानूनी मुद्दे ने अब उत्तर प्रदेश में भारी राजनीतिक मोड़ ले लिया है। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सीधे तौर पर भाजपा सरकार और जांच की मंशा पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव का आरोप है कि जांच की आड़ में असल सबूतों को मिटाने की कोशिश हो सकती है और इस पूरे खेल में सिर्फ ‘छोटी मछलियों’ को मोहरा बनाकर ‘बड़ी मछलियों’ को बचाया जा रहा है।





