Sitapur Police BJP Dispute: सीतापुर जिले में उस समय माहौल गरमा गया, जब पुलिस और एक बीजेपी विधायक के बीच तीखी बहस हो गई। रामपुर मथुरा थाने की कार्यशैली से नाराज होकर विधायक अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए और वहीं बैठकर विरोध जताने लगे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस प्रशासन पर कई सवाल उठाए। बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी सैकड़ों समर्थकों के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने थाने के अंदर जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। विधायक ने थाना प्रभारी निरीक्षक की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और कहा कि पुलिस आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
पुलिस पर लगाए आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मनमानी कर रही है। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं की शिकायतें नजरअंदाज की जा रही हैं और पुलिस का रवैया सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता की बात सुनना पुलिस की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम को लेकर विवाद
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत एक नौटंकी कार्यक्रम को लेकर हुई। आरोप है कि देर रात चल रहे कार्यक्रम को पुलिस ने जबरन बंद करा दिया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की बात भी सामने आई। विधायक ने कहा कि पुलिस जानबूझकर कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है।
दो पुलिसकर्मियों पर सवाल
मामले में थाने के दीवान और एक कांस्टेबल पर भी आरोप लगाए गए। विधायक का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने कार्यक्रम बंद कराने के दौरान अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। धरने के दौरान विधायक काफी नाराज दिखे। उन्होंने थाना प्रभारी को खरी-खोटी सुनाई और साफ कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होगी, वे धरना खत्म नहीं करेंगे। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए।
अधिकारियों ने संभाला मामला
धरने की खबर मिलते ही प्रशासन में हलचल मच गई। पहले क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में अपर पुलिस अधीक्षक भी पहुंचे और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इसके बाद करीब तीन घंटे चला धरना खत्म हुआ। धरने के दौरान थाने में भारी भीड़ जुट गई। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बना रहा। विधायक ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला उच्च स्तर तक उठाया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की इलाके में चर्चा हो रही है।

