उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं की शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, जिससे सरकार भी अब सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि लोगों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
सात दिन का विशेष अभियान
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद Uttar Pradesh Power Corporation Limited (UPPCL) ने बड़ा कदम उठाया है। पूरे प्रदेश में सात दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से बात करेंगे और उनकी समस्याएं मौके पर ही हल करने की कोशिश करेंगे।
घर-घर पहुंचेंगी टीमें
अभियान के तहत टीमें सीधे उपभोक्ताओं के घर जाएंगी। वहां वे स्मार्ट मीटर कैसे काम करता है, यह भी समझाएंगी। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1912 पर दर्ज शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। अधिकारियों को अलग-अलग इलाकों की जिम्मेदारी दी गई है ताकि काम तेजी से पूरा हो सके।
इन समस्याओं पर रहेगा फोकस
इस अभियान में ओवर बिलिंग, गलत बिल आना, रिचार्ज के बाद भी बिजली चालू न होना जैसी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी। कई उपभोक्ता शिकायत कर रहे हैं कि मीटर ज्यादा यूनिट दिखा रहा है। ऐसे मामलों में मौके पर जांच कर तुरंत सुधार किया जाएगा और गलती मिलने पर जिम्मेदारी भी तय होगी।
कटे कनेक्शन पर भी ध्यान
जिन लोगों की बिजली निगेटिव बैलेंस के कारण कट गई है, उनसे भी संपर्क किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि समस्या का कारण समझकर समाधान किया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
लखनऊ में बढ़ा विरोध
राजधानी Lucknow में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर विरोध ज्यादा तेज हो गया है। करीब सात हजार उपभोक्ताओं ने इन मीटरों को हटाकर पुराने पोस्टपेड मीटर लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ये मीटर तकनीकी रूप से सही नहीं हैं और खर्च भी ज्यादा बढ़ा रहे हैं।
रिचार्ज के बाद भी समस्या
कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि रिचार्ज खत्म होने के बाद पैसा जमा करने पर भी कई घंटों तक बिजली चालू नहीं होती। इससे रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ता है। इसके अलावा कुछ लोगों ने मीटर द्वारा ज्यादा खपत दिखाने की शिकायत भी की है।
प्रदर्शन और शिकायतें जारी
प्रीपेड मीटर से परेशान लोग अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन भी कर चुके हैं। बड़ी संख्या में लोग रोज बिजली विभाग के दफ्तरों में शिकायत दर्ज करा रहे हैं। साथ ही टोल फ्री नंबर 1912 और ऑनलाइन माध्यम से भी शिकायतें की जा रही हैं।
सहमति की उठी मांग
स्थानीय संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं की सहमति जरूर ली जाए। उनका कहना है कि बिना सहमति के लगाए गए मीटर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।



