दिल्ली सुलगाने की खूनी कोशिश, सपा सांसद नदवी ने रात के अंधेरे में रची साजिश? पुलिस के रडार पर ‘माननीय’!

दिल्ली के तुर्कमान गेट पर अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान भारी पत्थरबाजी हुई। इस हिंसा में सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की संदिग्ध मौजूदगी और भड़काऊ वीडियो बनाने वाले खालिद मलिक का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। पुलिस साजिश की जांच कर रही है।

Turkman Gate violence Mohibullah Nadvi

Turkman Gate violence Mohibullah Nadvi: राजधानी दिल्ली का तुर्कमान गेट इलाका बुधवार तड़के एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की भेंट चढ़ गया। हाईकोर्ट के आदेश पर एमसीडी की टीम जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास से अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो नियोजित तरीके से पुलिस पर पथराव किया गया। इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौके पर मौजूदगी और उनकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जब प्रशासन कानून सम्मत कार्रवाई कर रहा था, तब सपा सांसद वहां भीड़ के बीच मौजूद थे, जिसे लेकर भाजपा ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया है।

आधी रात को साजिश का ‘ब्लूप्रिंट’: खालिद मलिक का वायरल वीडियो

दिल्ली पुलिस की जांच में यह साफ हो गया है कि Turkman Gate violence पत्थरबाजी अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके लिए बकायदा खालिद मलिक (Khalid Malik) नाम के शख्स ने सोशल मीडिया पर नफरत का बीज बोया था। खालिद मलिक ने एक भड़काऊ वीडियो वायरल किया, जिसमें उसने मस्जिद को गिराए जाने की झूठी अफवाह फैलाई। वीडियो में उसे यह कहते सुना गया— “भाई, मस्जिद को तोड़ रहे हैं ये लोग, अब तो जाग जाओ…”

पुलिस के अनुसार, खालिद मलिक ने केवल अफवाह ही नहीं फैलाई, बल्कि लोगों से दुकानें बंद कर सड़कों पर उतरने की अपील की। इसके पीछे मकसद साफ़ था—धार्मिक भावनाओं को भड़काकर भीड़ इकट्ठा करना और सरकारी काम में बाधा डालना। पुलिस अब खालिद मलिक के संपर्कों और उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है।

सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की संदिग्ध भूमिका

इस पूरे Turkman Gate violence मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है। नदवी, जो संसद मार्ग स्थित मस्जिद के इमाम भी हैं, रात के अंधेरे में तुर्कमान गेट पर क्या कर रहे थे? भाजपा प्रवक्ता नवीन कोहली ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन हो रहा था, फिर सपा सांसद वहां भीड़ को उकसाने क्यों पहुंचे?

“क्या सपा अब दिल्ली में भी पत्थरबाजों को संरक्षण दे रही है? अखिलेश यादव को जवाब देना चाहिए कि उनके सांसद रात 1:30 बजे वहां किस हैसियत से मौजूद थे और क्या यह पूरी हिंसा एक सोची-समझी साजिश थी?” — नवीन कोहली, भाजपा प्रवक्ता

तकनीक ने खोला राज: बॉडी कैम और CCTV से हुई पहचान

Turkman Gate violence कार्रवाई के दौरान जब 150 से अधिक लोगों की भीड़ ने छतों और गलियों से पुलिस पर कांच की बोतलें और पत्थर बरसाए, तो पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। डीसीपी सेंट्रल निधिन वालसन ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बॉडी कैम और इलाके के CCTV फुटेज की मदद से हमलावरों की पहचान की गई है।

क्या मस्जिद को हुआ नुकसान?

प्रशासन ने साफ किया है कि फैज-ए-इलाही मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। कार्रवाई केवल मस्जिद के पास स्थित अवैध ‘बारात घर’, एक डिस्पेंसरी और दुकानों तक सीमित थी, जिन्हें कोर्ट ने अवैध माना था। एमसीडी ने करीब 36,000 वर्ग फुट जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

इलाके में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून के हाथ उन लोगों के गले तक जरूर पहुंचेंगे जिन्होंने दिल्ली की शांति भंग करने की कोशिश की है।

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