Bus Service: यूपी-बिहार के बीच शुरू होगी कई नई बस सेवाएं, किफ़ायती किराए के साथ मिलेगी सुविधा

यूपी और बिहार के बीच आवागमन को और आसान बनाने के लिए 14 नए बस मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं। इन मार्गों पर जल्द बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। इसके साथ ही नए बन रहे हाईवे और प्रमुख शहरों को भी बस नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।

UP Bihar Bus Service: उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। दोनों राज्यों के बीच जल्द ही 14 नए बस मार्गों पर बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए दोनों राज्यों के परिवहन विभाग और राज्य परिवहन निगम प्रस्तावित मार्गों का परीक्षण करेंगे। सोमवार को लखनऊ में हुई बैठक में इस संबंध में सहमति बनी।

बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने की।

पुराने परिवहन करार की भी हुई समीक्षा

बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी उत्तर प्रदेश-बिहार अंतरराज्यीय परिवहन करार की समीक्षा की गई। इस करार को मई 2026 में विस्तार दिया गया था। दोनों राज्यों ने करार में शामिल 25 मार्गों पर वर्तमान बस संचालन की स्थिति पर भी चर्चा की।

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने बिहार के अलग-अलग जिलों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। बिहार सरकार जल्द ही इन प्रस्तावित मार्गों का मानचित्र समेत पूरा विवरण उत्तर प्रदेश को उपलब्ध कराएगी। इसके बाद मार्गों का परीक्षण कर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अयोध्या, सीतामढ़ी और गया को जोड़ने की योजना

बिहार के परिवहन मंत्री ने अयोध्या को सीतामढ़ी और गया को जोड़ने वाली बस सेवा शुरू करने पर भी विचार करने का आग्रह किया। इसके अलावा बैजनाथ और गंगासागर जैसे धार्मिक स्थलों को भी बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी से जोड़ने की जरूरत बताई गई।

बिहार सरकार बौद्ध सर्किट और सीतामढ़ी तीर्थस्थल के विकास पर भी काम कर रही है। ऐसे में इन क्षेत्रों के बीच बस कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

नए हाईवे के हिसाब से तय होंगे मार्ग

दोनों राज्यों में पिछले कुछ वर्षों में कई नए हाईवे बने हैं। इन्हें बस सेवा से जोड़ने के लिए नए मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही दूसरे चरण की आधिकारिक बैठक होगी। पुराने और नए प्रस्तावित मार्गों का दोबारा परीक्षण भी किया जाएगा।

बस किराये में एकरूपता पर जोर

बैठक में दोनों राज्यों की बसों के किराये में एकरूपता लाने पर भी सहमति बनी। अधिकारियों को समान किलोमीटर के आधार पर परिवहन करार और किराया निर्धारण का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए गए। बिहार सरकार ने यूपी रोडवेज की बसों के संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं आने देने का आश्वासन भी दिया।

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