यूपी में शिक्षामित्रों की बढ़ेगी सैलरी! योगी कैबिनेट की बैठक में लग सकती है 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक आज लखनऊ में होने जा रही है, जिसमें शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाने समेत 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। किसानों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी राहत भरे फैसले संभव हैं।

UP Cabinet

UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज कैबिनेट की अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें आम लोगों से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। लोकभवन में सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस बैठक में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी जैसे प्रस्ताव शामिल हैं, जिनकी लंबे समय से मांग हो रही थी। इसके साथ ही राज्य के किसानों, शहरी विकास और भवन निर्माण से जुड़े मामलों पर भी विचार होगा। यूपी में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को सुधारने की दिशा में भी बड़ा फैसला लिए जाने की संभावना है।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मिल सकती है राहत

लंबे समय से मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को योगी सरकार आज राहत दे सकती है। कैबिनेट की बैठक में उनके मानदेय में इजाफे का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो हजारों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।

सीड पार्क से किसानों को फायदा

UP Cabinet बैठक में एक और अहम प्रस्ताव है सीड पार्क (Seed Park) बनाने का। सरकार 200 एकड़ भूमि में यह पार्क विकसित करने जा रही है। इसके बनने के बाद राज्य को बीजों के लिए बाहर के राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे किसानों को समय पर और गुणवत्ता युक्त बीज मिल सकेंगे, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि संभव होगी।

आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत मिल सकती है

यूपी सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक नई योजना लेकर आ रही है। “उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम” के गठन का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा गया है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो सरकार को किसी एजेंसी की मदद से आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती नहीं करनी पड़ेगी। यह निगम भर्ती से लेकर वेतन तक की जिम्मेदारी निभाएगा। इससे कर्मचारियों के शोषण पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

शहरी विकास और भवन निर्माण को नई दिशा

UP Cabinet में कुछ विकास प्राधिकरणों की सीमाओं के विस्तार का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे भवन निर्माण को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। साथ ही अमृत योजना में निकाय अंश के बंटवारे को लेकर भी निर्णय होने की संभावना है। इससे प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।

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