लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश की प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ योजनाओं की घोषणा या मंजूरी तक नहीं है। हर परियोजना को तय समय में जमीन पर उतारना और उसका फायदा आम लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, टेंडर और विभागीय समन्वय जैसी वजहों से अटके काम तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए। जिन योजनाओं की रफ्तार धीमी है, उनकी लगातार समीक्षा कर जिम्मेदारी भी तय करने को कहा।
एक्सप्रेसवे की रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की अहम कड़ी है। एक्सप्रेसवे को केवल आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने वाले कॉरिडोर के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 6 अगस्त को टेंडर जारी हो चुका है और सितंबर में चयन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जरूरी 1,339.04 हेक्टेयर जमीन में 1,222.25 हेक्टेयर यानी 91.28 फीसदी भूमि हासिल हो चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 फीसदी, झांसी लिंक के लिए 84.82 फीसदी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 फीसदी जमीन मिल चुकी है।
बड़े प्रोजेक्ट्स पर नजर
मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे की प्लानिंग का सत्यापन पूरा हो चुका है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों को इसमें तेजी लाने को कहा। ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब को भी जल्द आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि यूपी को देश-दुनिया की सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बनाया जा सके। उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट में भी आवश्यक कार्रवाई तेज करने को कहा गया। कानपुर के बिनगवां में 40 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पनकी पावर प्लांट को उपचारित पानी उपलब्ध कराने का काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इंजीनियरों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
श्रमिकों को सुविधा
लेबर अड्डों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए। सभी लेबर अड्डों का सर्वे कराकर पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नान, चिकित्सा और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। श्रमिकों के लेबर कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। हर नगर निगम क्षेत्र में मेडिकल मोबाइल यूनिट और मोबाइल कैंटीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। चंदौली के तैयार फिश मार्केट का तत्काल उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। गोरखपुर में बन रहे 30 हजार दर्शक क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का काम दिसंबर 2025 में शुरू हुआ है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। मेरठ के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय में भी गुणवत्ता और समयसीमा का ध्यान रखने को कहा गया।
विरासत मामलों पर जांच
राजस्व विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने विरासत और पैमाइश से जुड़े मामलों को आम लोगों के अधिकार और संपत्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने इनके निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खास तौर पर प्रयागराज में रद्द किए गए विरासत आवेदनों की जांच कराने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि निर्विवाद विरासत के मामलों में प्रयागराज में सबसे ज्यादा 13,386 आवेदन निरस्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जांच कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी निरस्तीकरण मेरिट के आधार पर हुए हों और किसी पात्र व्यक्ति को बेवजह परेशानी न हो। पुराने पैमाइश मामलों को प्राथमिकता से निपटाने और भूमि विवाद लंबित न रखने के भी निर्देश दिए गए।
गरीब परिवारों को लाभ
जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित पात्र परिवारों को हर जरूरी सरकारी योजना का लाभ मिलना चाहिए। जिन परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए। राशन, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, आवास और दूसरी सुविधाओं के साथ परिवार के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाए। बैठक में बताया गया कि 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में 9 लाख आवास के लिए पात्र मिले हैं। इनमें 4.50 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में हैं, जबकि करीब 5 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभ दिया जाना है। करीब 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। इनके कार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
बिजली और सुरक्षा
स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। फायर एनओसी का डिजिटल डेटाबेस बनाने और एनओसी खत्म होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए गए। लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल से गुजर रहे बिजली व OFC केबलों को निर्धारित मानकों के अनुसार शिफ्ट करने को कहा गया। बिजली व्यवस्था की समीक्षा में अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में चोरी, बिलिंग और वसूली की समस्या की पहचान कर कार्रवाई करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायतों की डिजिटल लाइब्रेरियों को विद्यार्थियों और युवाओं के अध्ययन व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का केंद्र बनाने और उनसे जुड़े सभी काम 30 सितंबर तक पूरा करने को कहा गया।










