District Cooperative Bank: उत्तर प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी खुशखबरी आई है। प्रदेश सरकार ने 14 जिला सहकारी बैंकों के कार्मिकों को वेतनवृद्धि का लाभ देने का फैसला किया है। इस निर्णय से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनके वेतन में पिछले 20 से 30 वर्षों से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी।
1000 से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) J. P. S. Rathore ने इन कर्मचारियों को वर्ष 2011 का वेतनमान लागू करने की घोषणा की है। इस फैसले से 14 जिला सहकारी बैंकों के एक हजार से अधिक कर्मचारियों के वेतन में लगभग 30 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है।
20 से 30 वर्षों से नहीं बढ़ा था वेतन
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 16 नवीन लाइसेंस प्राप्त जिला सहकारी बैंकों में से छह बैंकों के कर्मचारियों का वेतन वर्ष 1996 के बाद नहीं बढ़ा था। इनमें बहराइच, बलिया, सुल्तानपुर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर और हरदोई जिला सहकारी बैंक शामिल हैं।
वहीं, देवरिया, गाजीपुर, वाराणसी, सीतापुर, अयोध्या, फतेहपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर जैसे आठ जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को वर्ष 2006 के बाद वेतन वृद्धि नहीं मिली थी।
बैठक में लिया गया अहम फैसला
सोमवार को Uttar Pradesh State Cooperative Bank के मुख्यालय में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने की।
निर्णय के तहत संबंधित जिला सहकारी बैंकों की प्रबंध समितियां प्रस्ताव पारित कर वर्ष 2011 का वेतनमान लागू करेंगी। इससे कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित वेतन पुनरीक्षण का लाभ मिल सकेगा।
अन्य बैंकों को भी मिल सकता है लाभ
सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश के अन्य 34 जिला सहकारी बैंकों में भी वेतन पुनरीक्षण किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए बैंकों को NABARD द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करना होगा। आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक मानक पूरे होने पर इन बैंकों के कर्मचारियों को भी वेतन वृद्धि का लाभ दिया जा सकता है।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
