Chief Minister’s Major Agriculture Initiative: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शनिवार को किसानों और आपदा मित्रों के लिए एक अहम कार्यक्रम में कई बड़ी घोषणाएं करेंगे। इस कार्यक्रम में किसानों को बीमा और सहायता राशि सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी। कार्यक्रम मुख्यमंत्री के सरकारी आवास, पांच कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित होगा।
इस मौके पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभार्थियों को आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा आपदा मित्रों को जीवन बीमा की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
खरीफ फसल के लिए मुआवजा राशि
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 सीजन में नुकसान झेलने वाले 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी। यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा, ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो।
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सरकार का मकसद है कि किसानों को समय पर राहत मिले और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
दुर्घटना में प्रभावित परिवारों को सहारा
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 3500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह योजना उन परिवारों के लिए है, जिनके घर के कमाने वाले सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु हो गई या गंभीर चोट आई है।
सरकार का कहना है कि इस योजना से ऐसे परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा और वे अपने जीवन को फिर से संभाल सकेंगे।
नए भवनों का शिलान्यास
मुख्यमंत्री कई विकास कार्यों की भी शुरुआत करेंगे। बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय और मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इन प्रयोगशालाओं के जरिए किसानों को अपनी मिट्टी की जांच कराने में आसानी होगी, जिससे वे सही खाद और फसल का चुनाव कर सकेंगे।
इसके साथ ही झांसी के मऊरानीपुर में 50 बेड वाले छात्रावास भवन की आधारशिला रखी जाएगी।
लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो यूनिट की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे खेती से जुड़ी जानकारी और तकनीक किसानों तक तेजी से पहुंच सके।
मंत्री भी रहेंगे मौजूद
इस कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी शामिल रहेंगे। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें हर संकट में सहारा देना है।
