UP Cabinet Decision: शाहजहांपुर का जलालाबाद अब कहलाएगा परशुरामपुरी, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

योगी सरकार ने शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में इसके अलावा स्टार्टअप नीति-2026, होमगार्डों के लिए 5 लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, पशुधन बीमा योजना और तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

Jalalabad New Name: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के एक और शहर का नाम बदलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही कैबिनेट ने स्टार्टअप नीति-2026, होमगार्डों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, पशुधन बीमा योजना और नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना समेत कई अहम फैसलों पर भी मुहर लगाई।

जलालाबाद का नाम क्यों बदला गया?

कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इसका नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिलने के बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दी।

स्टार्टअप नीति-2026 को भी मिली मंजूरी

राज्य सरकार ने प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 1,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया जाएगा। साथ ही स्टार्टअप्स को सीड कैपिटल, प्रोटोटाइप सहायता और इनक्यूबेटरों को वार्षिक अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को भी दोबारा लागू करने का फैसला किया है।

होमगार्डों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच

कैबिनेट ने प्रदेश के करीब 1.60 लाख होमगार्डों और उनके आश्रितों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना भी लागू की जाएगी, जिसके तहत पशुओं का बीमा कराया जाएगा। बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालक वहन करेंगे।

शिक्षा और खिलाड़ियों के लिए भी बड़े फैसले

सरकार ने वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर व मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की समूह ‘ख’ और ‘ग’ के पदों पर सीधी भर्ती के नियमों में भी संशोधन किया गया है। इसके अलावा बिल्हौर, गाजियाबाद और फतेहपुर में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई।

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